श्योपुर: वन्यजीव और जंगल सफारी के शौकीनों के लिए अच्छी खबर है। मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क 1 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। मानसून के कारण बंद रहने के बाद अब नए पर्यटन सीजन में सैलानी कूनो के जंगल और यहां मौजूद चीतों को देखने का रोमांचक अनुभव ले सकेंगे। इस बार पर्यटकों को कूनो नेशनल पार्क के टिकटोली, अहेरा और पीपलबावड़ी—तीनों गेटों से प्रवेश दिया जाएगा। पार्क में प्रवेश के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से परमिट की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
तीनों गेट से मिलेगी पर्यटकों को एंट्री
कूनो नेशनल पार्क में 1 अक्टूबर से पर्यटन गतिविधियां शुरू होने के साथ तीनों प्रवेश द्वारों को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। सैलानी MP Online के माध्यम से प्रवेश अनुज्ञा पत्र बुक कर सकते हैं। इसके अलावा पर्यटकों के लिए प्रवेश द्वारों पर ऑफलाइन परमिट की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इससे उन सैलानियों को भी सुविधा मिलेगी जो मौके पर पहुंचकर सफारी का परमिट लेना चाहते हैं।
खुले जंगल में चीतों का दीदार संभव
कूनो नेशनल पार्क में पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण यहां मौजूद चीते हैं। सफारी के दौरान सैलानियों को खुले जंगल में विचरण कर रहे चीतों को देखने का मौका मिल सकता है। हालांकि वन्यजीव सफारी में किसी जानवर के निश्चित रूप से दिखाई देने की गारंटी नहीं होती। चीतों की मौजूदगी और उनकी गतिविधियां उनके प्राकृतिक व्यवहार और उस समय के स्थान पर निर्भर करती हैं।
बढ़ रही चीतों की संख्या, पर्यटन को भी मिल रहा बढ़ावा
कूनो नेशनल पार्क में चीता संरक्षण परियोजना के बाद से देश और विदेश में इसकी पहचान बढ़ी है। चीतों की मौजूदगी ने कूनो को वन्यजीव पर्यटन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल किया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2021-22 में करीब 1,400-1,500 पर्यटक कूनो पहुंचे थे। अब पर्यटकों की संख्या बढ़कर 9,000 से अधिक हो चुकी है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या से स्थानीय स्तर पर पर्यटन आधारित रोजगार और कारोबार के अवसर बढ़ने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर शुरू हुई थी चीता परियोजना
भारत में चीतों को दोबारा बसाने की परियोजना 17 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर कूनो नेशनल पार्क में शुरू की गई थी। नामीबिया से लाए गए चीतों को कूनो में छोड़ा गया था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका से भी चीते भारत लाए गए। चीता परियोजना के साथ कूनो नेशनल पार्क की पहचान वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूत हुई है। अब यहां चीता संरक्षण के साथ पर्यटन गतिविधियों का विस्तार भी हो रहा है।
स्थानीय लोगों के लिए रोजगार की संभावनाएं
कूनो में पर्यटकों की बढ़ती संख्या का असर आसपास के क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। सफारी, होटल, होमस्टे, परिवहन, स्थानीय गाइड और अन्य पर्यटन गतिविधियों से जुड़े रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। नए पर्यटन सीजन के शुरू होने के साथ स्थानीय कारोबारियों और पर्यटन से जुड़े लोगों को भी सैलानियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इस तरह कूनो में चीता संरक्षण के साथ वन्यजीव पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी एक महत्वपूर्ण गतिविधि बनता जा रहा है।