नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगाए जाने वाले विंडफॉल टैक्स में एक बार फिर कटौती की है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो गई हैं। वहीं, पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
डीजल और ATF पर कितना घटा टैक्स?
सरकार ने डीजल और ATF के निर्यात पर शुल्क में कमी की है। नई दरों के मुताबिक:
- डीजल: निर्यात शुल्क 20 रुपये से घटकर 16 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
- ATF: निर्यात शुल्क 15 रुपये से घटकर 10.50 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
- पेट्रोल: निर्यात शुल्क पहले की तरह 0.50 रुपये प्रति लीटर रहेगा।
- संशोधित दरें फिलहाल अगले दो सप्ताह के लिए लागू रहेंगी। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए सरकार दरों की समीक्षा कर सकती है।
सितंबर में भी हुई थी टैक्स में कटौती
विंडफॉल टैक्स में सितंबर महीने के दौरान भी दो बार कमी की गई है। 1 सितंबर से अब तक डीजल पर कुल 9 रुपये प्रति लीटर, जबकि ATF पर 8.50 रुपये प्रति लीटर की कटौती हो चुकी है। 16 सितंबर को सरकार ने डीजल पर शुल्क में 5 रुपये और ATF पर 4 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी। इसके बाद डीजल का शुल्क 20 रुपये और ATF का शुल्क 15 रुपये प्रति लीटर रह गया था। अब 1 अक्टूबर से दोनों ईंधनों पर शुल्क में एक बार फिर कमी की गई है।
अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करता है विंडफॉल टैक्स
सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों के साथ घरेलू बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विंडफॉल टैक्स की दरों में समय-समय पर बदलाव करती है। विंडफॉल टैक्स में ताजा कटौती से पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात करने वाली कंपनियों पर लगने वाला शुल्क कम होगा। इससे निर्यातकों को कुछ राहत मिलने की संभावना है, हालांकि इसका अंतिम प्रभाव अंतरराष्ट्रीय कीमतों और बाजार की अन्य परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।