कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने कहा कि राज्य में राजनीतिक बदलाव के साथ अब पर्यटन और खेल के क्षेत्र में नई सोच के साथ काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को ध्यान में रखते हुए राज्य के पर्यटन स्थलों और संभावनाओं को नए तरीके से सामने लाना होगा, ताकि इससे राजस्व बढ़ने के साथ रोजगार के अवसर भी पैदा हों।
पर्यटन और खेल के नए अवसरों पर जोर
शंकर घोष ने कहा कि राज्य में पर्यटन और खेल के क्षेत्र में मौजूद नई संभावनाओं और नए आकर्षणों को सामने लाने की जरूरत है। उनका जोर ऐसे मॉडल पर है, जिसमें पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से एक ओर सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी हो और दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर तैयार हों।
डीपीआर से ज्यादा जरूरी योजना को जमीन पर उतारना
पर्यटन मंत्री ने कहा कि केवल विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करना पर्याप्त नहीं है। योजनाओं में दिए गए विचारों को वास्तविक रूप से लागू करना अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रस्तावों को कागजों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें धरातल पर उतारने पर विभाग का विशेष ध्यान है।
टूरिज्म समिट को निवेश प्रक्रिया से जोड़ने की तैयारी
शंकर घोष के मुताबिक, पर्यटन विभाग ने टूरिज्म समिट को निवेश से जोड़ने की दिशा में एक नई व्यवस्था तैयार की है। उन्होंने इसे विभाग की ओर से किया गया एक महत्वपूर्ण बदलाव बताते हुए कहा कि पहली बार किसी विभाग के स्तर पर इस तरह की व्यवस्था विकसित की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि बजट का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इस दिशा में खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है।
नई पर्यटन उद्योग नीति पर रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी
पर्यटन मंत्री ने बताया कि उनके विभाग की ओर से टूरिज्म इंडस्ट्री पॉलिसी को लेकर एक रिपोर्ट मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को पहले ही सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि इस नीति के जरिए निवेशकों के सामने पर्यटन क्षेत्र को लेकर एक नई और ताजा सोच के साथ प्रस्ताव रखने की तैयारी है।
केंद्र के सहयोग से पर्यटन ढांचे को मजबूत करने की उम्मीद
शंकर घोष ने कहा कि राज्य में केंद्र और राज्य की सरकारों के बीच बेहतर समन्वय के कारण निवेश की संभावनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने केंद्रीय सरकार और केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय से भी राज्य में पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए अधिक सहयोग की उम्मीद जताई।
ग्लोबल टूरिज्म सेंटर के लिए 2500 करोड़ का निवेश
पर्यटन मंत्री ने बताया कि पश्चिम बंगाल में ग्लोबल टूरिज्म सेंटर विकसित करने के लिए कुल 2500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। इसमें से 500 करोड़ रुपये वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना को राज्य में पर्यटन क्षेत्र के विस्तार और नए निवेश के अवसरों से जोड़कर देखा जा रहा है।
पर्यटन के जरिए रोजगार पर सरकार का फोकस
शंकर घोष के बयान से स्पष्ट है कि राज्य सरकार पर्यटन को केवल घूमने-फिरने के क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि राजस्व और रोजगार पैदा करने वाले बड़े सेक्टर के तौर पर विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। नई नीति, निवेश आधारित योजनाओं और पर्यटन ढांचे के विस्तार के जरिए राज्य में इस क्षेत्र की संभावनाओं को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।