भोपाल: मध्य प्रदेश में सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए अहम खबर है। मोहन सरकार ने विधानसभा सचिवालय में सीधी भर्ती से नियुक्त प्रथम श्रेणी के अधिकारियों को समयमान वेतनमान के दायरे में शामिल करने का फैसला किया है। वित्त विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। इस फैसले के बाद पात्र अधिकारियों को निर्धारित सेवा अवधि पूरी करने पर उच्चतर वेतनमान का लाभ मिल सकेगा। यह व्यवस्था अधिकारियों को सेवा के दौरान वेतन में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू की गई है।
8 साल में पहला और 16 साल में दूसरा समयमान
आदेश के अनुसार सीधी भर्ती से नियुक्त अ श्रेणी के शासकीय सेवकों को सेवा के 8 वर्ष पूरे होने पर प्रथम समयमान वेतनमान का लाभ मिलेगा। वहीं, 16 वर्ष की सेवा पूरी होने पर द्वितीय समयमान वेतनमान दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित अधिकारी की पात्रता और निर्धारित सेवा शर्तें लागू रहेंगी।
7वें वेतनमान में कितना मिलेगा लाभ?
सातवें वेतनमान के तहत मौजूदा मूल वेतन ₹67,300 से ₹2,06,900 के बीच है। इसके बाद उच्चतर वेतनमान में वेतन इस प्रकार निर्धारित किया गया है:
| वेतनमान | मूल वेतन |
|---|---|
| मूल वेतनमान | ₹67,300–₹2,06,900 |
| प्रथम उच्चतर वेतनमान | ₹79,900–₹2,11,700 |
| द्वितीय उच्चतर वेतनमान | ₹1,23,100–₹2,15,900 |
इसका मतलब है कि निर्धारित सेवा अवधि और पात्रता पूरी करने वाले अधिकारियों को क्रमशः उच्चतर वेतनमान का लाभ मिलेगा।
छठे वेतनमान में वेतनमान की स्थिति
छठे वेतनमान के तहत संबंधित संवर्ग के लिए मूल वेतनमान ₹15,600–₹39,100 और ग्रेड पे ₹6,600 निर्धारित था। इसमें उच्चतर वेतनमान इस प्रकार है:
| वेतनमान | पे-बैंड | ग्रेड पे |
|---|---|---|
| मूल वेतनमान | ₹15,600–₹39,100 | ₹6,600 |
| प्रथम उच्चतर वेतनमान | ₹15,600–₹39,100 | ₹7,600 |
| द्वितीय उच्चतर वेतनमान | ₹37,400–₹67,000 | ₹8,700 |
1 अप्रैल 2026 की समिति के फैसले के बाद आदेश
वित्त विभाग का यह आदेश 1 अप्रैल 2026 को अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग की अध्यक्षता में हुई समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के क्रम में जारी किया गया है। विधानसभा सचिवालय के संबंधित संवर्ग को वित्त विभाग के पूर्व परिपत्र में शामिल किए जाने के बाद अब इस संवर्ग के पात्र अधिकारियों को समयमान वेतनमान का लाभ देने का रास्ता साफ हुआ है।
अधिकारियों को क्या मिलेगा फायदा?
समयमान वेतनमान की व्यवस्था का उद्देश्य एक ही पद पर लंबे समय तक सेवा करने वाले अधिकारियों को निर्धारित अवधि के बाद वेतन स्तर में वित्तीय उन्नयन देना है। विधानसभा सचिवालय के संबंधित प्रथम श्रेणी संवर्ग के पात्र अधिकारियों को अब 8 और 16 वर्ष की सेवा पूरी होने पर नियमानुसार इसका लाभ मिल सकेगा।
हालांकि, वास्तविक वेतन निर्धारण संबंधित अधिकारी की नियुक्ति, सेवा अवधि और लागू सरकारी नियमों के अनुसार किया जाएगा।