नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर शुक्रवार सुबह दिल्ली का ऐतिहासिक धरना स्थल जंतर-मंतर जंग के मैदान में तब्दील हो गया। छात्र संगठनों और विपक्षी दलों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। सुबह प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को पुलिस ने जबरन उठाकर (चैंगदोला कर) अपनी हिरासत में ले लिया और प्रिज़न वैन में बैठा दिया। स्थिति बेकाबू होते देख दिल्ली पुलिस ने सीपीएम नेता व एसएफआई (SFI) के अखिल भारतीय महासचिव सृजन भट्टाचार्य समेत 150 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है।
पुलिस और आप नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक, पूर्व सीएम आतिशी भी पहुंचीं
सौरभ भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के तुरंत बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता उग्र हो गए और पुलिस के साथ उनकी सीधी धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान आप विधायक संजीव झा की पुलिसकर्मियों से तीखी बहस हुई, जिसके बाद उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया। कुछ ही देर में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना भी मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए अधिकारियों से सीधी बात की और सरकार पर लोकतंत्र की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
'पूरे देश में गुस्सा, ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ना ही होगा': सृजन भट्टाचार्य
प्रदर्शन में भाग लेने विशेष रूप से दिल्ली पहुंचे सीपीएम युवा नेता और एसएफआई के महासचिव सृजन भट्टाचार्य को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस वैन से जारी एक वीडियो संदेश में सृजन भट्टाचार्य ने कहा, "मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आज पूरे देश में भारी आक्रोश है। ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही होगा, यदि उन्हें नहीं हटाया गया तो यह आंदोलन और अधिक तेज होगा।" उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध करने के बावजूद विपक्ष और छात्रों की आवाज को कुचलने के लिए बल प्रयोग किया जा रहा है।
छात्र और नागरिक संगठनों का साझा आह्वान, दिग्गज विपक्षी नेताओं का समर्थन
गांधी जयंती के अवसर पर जंतर-मंतर पर इस व्यापक विरोध प्रदर्शन का आह्वान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज झा और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने किया था। सुबह 8 बजे से ही AISA, SFI, DYFI सहित कई सामाजिक संगठनों से जुड़े छात्र और नागरिक जंतर-मंतर पर जुटने लगे थे। इस प्रदर्शन को आरजेडी सांसद मनोज झा, सीपीएम महासचिव एम. ए. बेबी और एनसीपी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले सहित इंडिया गठबंधन के कई शीर्ष नेताओं का समर्थन प्राप्त है।
दिल्ली छावनी में तब्दील: 11 मेट्रो स्टेशन बंद, 8 से 9 सुरक्षा जोन बनाए गए
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली इलाके को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया है। सुरक्षा के लिहाज से जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों को 8 से 9 सुरक्षा जोन में बांटा गया है, जहां वरिष्ठ आईपीएस (IPS) अधिकारियों की सीधे निगरानी है। जंतर-मंतर जाने वाली तमाम मुख्य सड़कों पर भारी बैरिकेडिंग कर अर्धसैनिक बलों (CAPF) को तैनात किया गया है। वहीं, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने पुलिस निर्देश पर सुबह 7 बजे से ही राजीव चौक और मंडी हाउस समेत 11 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए हैं।