भोपाल - मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 2 अक्टूबर को संगीत का अनोखा रंग देखने को मिला। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार माउथ ऑर्गन की मधुर धुनों से गूंज उठा। मौका था भारतीय हार्मोनिका महोत्सव-2026 के 13वें संस्करण का, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में देशभर से आए हार्मोनिका कलाकारों और संगीत प्रेमियों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री के 2 अक्टूबर के कार्यक्रम में राष्ट्रीय माउथ ऑर्गन सम्मेलन के उद्घाटन का कार्यक्रम भी शामिल था।
सुरों से सजा महोत्सव
कार्यक्रम में कलाकार अनुपम पॉल और देश की युवा हार्मोनिका वादिका सिद्धि सोनी ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को प्रभावित किया। माउथ ऑर्गन पर ‘वैष्णव जन तो...’, ‘कहता है दिल...’ और ‘बार-बार देखो’ जैसे लोकप्रिय गीतों की धुनें सुनाई दीं। सभागार में मौजूद श्रोता देर तक इन मधुर स्वर लहरियों का आनंद लेते रहे।
महोत्सव का उद्देश्य हार्मोनिका जैसे वाद्य यंत्र को देशभर में बढ़ावा देना और इससे जुड़े कलाकारों को एक मंच उपलब्ध कराना भी है। भोपाल में हार्मोनिका से जुड़े आयोजन को लेकर उपलब्ध इवेंट जानकारी में भी 2 और 3 अक्टूबर को कलाकारों, वर्कशॉप और संगीत प्रस्तुतियों से जुड़े कार्यक्रमों का उल्लेख है।
मुख्यमंत्री ने कलाकारों का किया स्वागत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देशभर से आए कलाकारों का मध्य प्रदेश की धरती पर स्वागत किया। उन्होंने संगीत साधकों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि संगीत भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कला और संगीत के क्षेत्र में साधना करने वाले कलाकार भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने में योगदान देते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना का उल्लेख करते हुए कहा कि कला जगत देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
संगीत की इस विधा को नई पहचान मिलने की उम्मीद
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल में आयोजित यह राष्ट्रीय सम्मेलन देश के अलग-अलग हिस्सों से आए माउथ ऑर्गन कलाकारों को एक मंच पर लाने का अवसर प्रदान कर रहा है। उनके मुताबिक, संगीत और कला भारत की समृद्ध विरासत के अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने के साथ-साथ एक-दूसरे से सीखने और संगीत की इस विधा को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि भारतीय हार्मोनिका महोत्सव देश में इस वाद्य यंत्र से जुड़े कलाकारों और संगीत प्रेमियों के लिए नए अवसर पैदा करेगा।
भोपाल में कला और संस्कृति को मंच
भारतीय हार्मोनिका महोत्सव के जरिए भोपाल में संगीत की एक अलग विधा को राष्ट्रीय मंच मिला। आयोजन में प्रस्तुतियों के साथ कलाकारों और संगीत प्रेमियों के बीच संवाद और सहभागिता का माहौल भी देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में कला, संगीत और संस्कृति से जुड़े ऐसे आयोजनों को मंच देने की दिशा में प्रयास जारी हैं।