लखनऊ - उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की ओर से घोषणाओं और वादों का दौर तेज हो गया है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर बड़ा ऐलान किया है। लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो पत्रकारों को बुलेटप्रूफ जैकेट और हेलमेट उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने पत्रकारों को लोकतंत्र की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला वर्ग बताया।
पत्रकारों की सुरक्षा पर जताई चिंता
अखिलेश यादव ने कहा कि पत्रकारों के सामने भी कई तरह की चुनौतियां हैं और उनके साथ अन्याय होने की बात कही। उनके मुताबिक, पत्रकार लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता तक सूचनाएं पहुंचाने का महत्वपूर्ण काम करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सत्ता में आने पर पत्रकारों की सुरक्षा के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट और हेलमेट देने की घोषणा की।
यह घोषणा फिलहाल समाजवादी पार्टी की ओर से बताई गई प्रस्तावित व्यवस्था है। इसके विस्तृत प्रावधान, पात्रता और इसे लागू करने की प्रक्रिया के बारे में पार्टी की ओर से अलग से जानकारी सामने आना बाकी है।
लोकतंत्र सेनानियों से भी मिले अखिलेश यादव
प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यालय में लोकतंत्र सेनानियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उनकी ओर से रखे गए सुझावों पर सरकार बनने की स्थिति में अमल करने की बात कही। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान और सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
51 हजार रुपये मासिक सम्मान राशि का वादा
अखिलेश यादव ने लोकतंत्र सेनानियों की मासिक सम्मान राशि बढ़ाकर 51 हजार रुपये करने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी अस्पतालों में उनके लिए विशेष व्यवस्था करते हुए मुफ्त इलाज की सुविधा देने की बात कही। यात्रा से जुड़े मुद्दों को लेकर भी उन्होंने बस और ट्रेन किराए में छूट संबंधी मांगों को समाजवादी पार्टी के चुनावी घोषणापत्र में शामिल करने की बात कही।
चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां
अखिलेश यादव की ये घोषणाएं ऐसे समय सामने आई हैं, जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पत्रकारों और लोकतंत्र सेनानियों से जुड़े मुद्दों के अलावा प्रदेश सरकार की नीतियों और कामकाज पर भी सवाल उठाए। उनके कई आरोप और राजनीतिक टिप्पणियां विपक्षी नेता के तौर पर उनके बयान का हिस्सा हैं।
समाजवादी पार्टी की सरकार बनने की स्थिति में पत्रकारों और लोकतंत्र सेनानियों के लिए घोषित इन प्रस्तावों को किस रूप में लागू किया जाएगा, इसका विस्तृत खाका आने वाले समय में पार्टी के चुनावी घोषणापत्र या अन्य आधिकारिक दस्तावेजों से स्पष्ट हो सकता है।