नई दिल्ली - रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव के बीच राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर कड़ा संदेश दिया है। वाल्दाई डिस्कशन क्लब में बोलते हुए पुतिन ने कहा कि दुनिया इस समय बेहद खतरनाक दौर से गुजर रही है और पश्चिमी देशों को ऐसे कदमों से बचना चाहिए, जिनसे मौजूदा तनाव और बढ़े। उन्होंने खास तौर पर रूस के कालिनिनग्राद क्षेत्र को लेकर चेतावनी दी।
कालिनिनग्राद पर हमला हुआ तो ‘सभी हथियार’ इस्तेमाल करने की चेतावनी
पुतिन ने कहा कि अगर रूस के किसी क्षेत्र पर सीधा हमला होता है, जिसमें कालिनिनग्राद भी शामिल है, तो रूस अपनी रक्षा के लिए अपने पास मौजूद सभी हथियारों के इस्तेमाल पर विचार करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि रूस यूरोपीय देशों पर हमला करने की योजना नहीं बना रहा है, लेकिन अपने क्षेत्र पर किसी हमले का जवाब जरूर देगा।
कालिनिनग्राद रूस का एक अलग भू-भाग है, जो पोलैंड और लिथुआनिया के बीच स्थित है और चारों तरफ से नाटो सदस्य देशों से घिरा है। इस वजह से बाल्टिक क्षेत्र में इसकी रणनीतिक और सैन्य अहमियत काफी ज्यादा है।
पुतिन की यह टिप्पणी रूस की उस हालिया चेतावनी के बाद आई है, जिसमें मॉस्को ने कहा था कि कालिनिनग्राद को रूस के बाकी हिस्से से अलग-थलग करने की कोशिश को गंभीर खतरे के तौर पर देखा जाएगा। नाटो महासचिव मार्क रूटे ने रूसी परमाणु बयानबाजी की आलोचना करते हुए कहा है कि नाटो एक रक्षात्मक गठबंधन है और उसके अभ्यास कालिनिनग्राद को निशाना बनाने के लिए नहीं हैं।
प्रतिबंध हटने तक डीजल सप्लाई पर भी बड़ा बयान
वाल्दाई फोरम में पुतिन ने रूस के डीजल निर्यात को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी प्रतिबंधों और रूसी तेल एवं पेट्रोलियम उत्पादों पर लागू पाबंदियों के कारण रूस का डीजल वैश्विक बाजार तक नहीं पहुंच रहा है। उनका कहना था कि अगर दुनिया को रूसी डीजल की जरूरत है तो रूस पर लगाए गए प्रतिबंध हटाने होंगे।
रूस ने इसी सप्ताह डीजल निर्यात पर लगी कुछ पाबंदियों को अक्टूबर के अंत तक बढ़ाया है। वैश्विक ईंधन बाजार पहले से ही विभिन्न भू-राजनीतिक संघर्षों और आपूर्ति संबंधी दबावों का सामना कर रहा है।
अमेरिका और चीन के साथ त्रिपक्षीय वार्ता को तैयार
पुतिन ने अमेरिका और चीन के साथ त्रिपक्षीय वार्ता की संभावना पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि रूस ऐसी बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इससे पहले यह तय होना जरूरी है कि वार्ता में किन मुद्दों पर चर्चा होगी। यूक्रेन युद्ध के बीच रूस, अमेरिका और चीन के बीच किसी संभावित त्रिपक्षीय संवाद को लेकर पुतिन का यह बयान अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुतिन ने पीएम मोदी की भी तारीफ की
रूसी राष्ट्रपति ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उल्लेख किया। पुतिन ने कहा कि मोदी उन विश्व नेताओं में शामिल हैं, जो रूस के साथ अच्छे और दोस्ताना संबंध होने के बावजूद यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने का मुद्दा लगातार उठाते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री दोनों पक्षों को स्वीकार्य समाधान तलाशने में रुचि रखते हैं।
पुतिन ने मोदी के रुख को संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में प्रयास के तौर पर बताया और उनके विचारों के लिए आभार व्यक्त किया। वाल्दाई फोरम में पुतिन के बयान ऐसे समय आए हैं जब रूस और नाटो के बीच कालिनिनग्राद को लेकर बयानबाजी तेज हुई है। ऐसे में उनकी ‘सभी हथियारों’ वाली चेतावनी ने यूरोप में सुरक्षा और तनाव को लेकर चल रही बहस को फिर चर्चा में ला दिया है।