लखनऊ - उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन और सीट बंटवारे की चर्चा तेज होती जा रही है। दोनों दल सार्वजनिक तौर पर साथ चुनाव लड़ने की बात कह चुके हैं, लेकिन 403 विधानसभा सीटों में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी, इसे लेकर अभी अंतिम सहमति नहीं बनी है। कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा है कि पार्टी गठबंधन के तहत कम से कम 150 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है।
कांग्रेस की 150 सीटों पर नजर
राजेंद्र पाल गौतम के मुताबिक कांग्रेस ने प्रदेश की सभी 403 सीटों पर संगठनात्मक तैयारी शुरू कर रखी है। उन्होंने कहा कि सीट शेयरिंग को अक्टूबर में अंतिम रूप देने की कोशिश है और गठबंधन की स्थिति में कांग्रेस 150 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ना चाहती। हालांकि, सीटों का वास्तविक बंटवारा दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत के बाद ही तय होगा।
कुछ रिपोर्टों में कांग्रेस की ओर से 150 से 200 सीटों तक की मांग की बात सामने आई है, जबकि अन्य रिपोर्टों में 125 से 135 सीटों की अपेक्षा बताई गई है। इससे स्पष्ट है कि फिलहाल सामने आ रहे आंकड़े बातचीत और पार्टी की आंतरिक तैयारियों से जुड़े हैं, अंतिम सीट बंटवारा नहीं।
अखिलेश ने बताया सीट बंटवारे का आधार
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने हाल में कहा था कि कांग्रेस के साथ गठबंधन आगे बढ़ेगा। उन्होंने सीटों के बंटवारे में ‘विनेबिलिटी’ यानी जीतने की क्षमता को आधार बनाने की बात कही है। उनके अनुसार, जिस सीट पर जिस सहयोगी की जीत की संभावना मजबूत होगी, उसे वहां चुनाव लड़ने का अवसर दिया जा सकता है।
सपा और कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। दोनों दलों ने मिलकर राज्य की 80 लोकसभा सीटों में 43 सीटें जीती थीं—सपा को 37 और कांग्रेस को 6 सीटें मिली थीं।
इमरान मसूद जल्द समझौते के पक्ष में
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद लगातार सीट शेयरिंग को जल्द अंतिम रूप देने की बात कह चुके हैं। उन्होंने कहा है कि अगर गठबंधन होना है तो फैसला जल्दी किया जाना चाहिए, ताकि दोनों दल अपनी चुनावी तैयारियों को उसी हिसाब से आगे बढ़ा सकें।
ओवैसी ने भी खोले गठबंधन के विकल्प
इस बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर अन्य दलों के साथ गठबंधन की संभावना खुली रखने की बात कही है। हालिया बयान में उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ऐसे दलों के साथ गठबंधन के लिए तैयार है, जो बीजेपी के खिलाफ चुनावी साझेदारी करना चाहते हैं।फिलहाल यूपी की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही है कि सपा और कांग्रेस के बीच सीटों का अंतिम फार्मूला क्या होगा। दोनों पार्टियों की ओर से तैयारियां जारी हैं, लेकिन सीटों की संख्या और निर्वाचन क्षेत्रों को लेकर औपचारिक समझौते का इंतजार है।