भोपाल। रक्षाबंधन के मौके पर मध्यप्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज 19 अगस्त को मैहर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त की राशि महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर करेंगे।मुख्यमंत्री सिंगल क्लिक के जरिए पात्र महिलाओं के खातों में 2,148 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित करेंगे।
हर लाड़ली बहना के खाते में आएंगे ₹1,750
लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त के तहत प्रत्येक पात्र महिला के खाते में ₹1,500 की नियमित मासिक सहायता राशि भेजी जाएगी।इसके अलावा रक्षाबंधन के अवसर पर सरकार की ओर से ₹250 की अतिरिक्त राशि दी जा रही है। इस तरह पात्र महिलाओं के खाते में कुल ₹1,750 सीधे DBT के जरिए पहुंचेंगे।यानी इस बार महिलाओं को ₹1,500 की मासिक सहायता के साथ ₹250 का रक्षाबंधन शगुन भी मिलेगा।
1.25 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री मैहर के राज्य स्तरीय कार्यक्रम से प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 13 हजार से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में राशि ट्रांसफर करेंगे।सरकार के मुताबिक इस किस्त के लिए कुल 2,148 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जाएगी। राशि सीधे बैंक खातों में पहुंचने से लाभार्थी महिलाओं को भुगतान के लिए किसी कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
मैहर को भी मिलेंगे करोड़ों के विकास कार्य
लाड़ली बहना योजना की राशि ट्रांसफर करने के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मैहर जिले को भी कई विकास कार्यों की सौगात देंगे।मुख्यमंत्री करीब 256 करोड़ रुपये की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। इससे जिले में विकास परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
जून 2023 में शुरू हुई थी योजना
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी। योजना का उद्देश्य प्रदेश की पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।अगस्त 2026 तक योजना की 39 किस्तों के जरिए पात्र महिलाओं के बैंक खातों में कुल 63,248 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है।
2026-27 के लिए ₹23,882.81 करोड़ का बजट
सरकार ने लाड़ली बहना योजना को जारी रखने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में ₹23,882.81 करोड़ का बजट प्रावधान किया है।योजना के तहत नियमित आर्थिक सहायता के माध्यम से महिलाओं को घरेलू जरूरतों के साथ-साथ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद देने का सरकार का लक्ष्य है।