मध्यप्रदेश में पिछले करीब एक सप्ताह से आंधी और बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं अगले कुछ घंटों के लिए 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।बारिश के कारण कई इलाकों में तापमान में गिरावट आई है और मौसम में ठंडक बढ़ी है। हालांकि कुछ जिलों में दिन का तापमान अधिक रहने से उमस की स्थिति बनी हुई है।
इस सीजन अब तक 22.56 इंच बारिश
मध्यप्रदेश में 1 जून से 18 अगस्त 2026 तक औसतन 22.56 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि यह सामान्य बारिश के मुकाबले करीब 12 प्रतिशत कम है।आंकड़ों के मुताबिक पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 16 प्रतिशत कम, जबकि पश्चिमी मध्यप्रदेश में करीब 9 प्रतिशत कम बारिश हुई है। प्रदेश में अगले पांच दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है।
छतरपुर में सबसे ज्यादा 3 इंच बारिश
पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई। इस दौरान छतरपुर में सबसे ज्यादा करीब 3 इंच बारिश दर्ज की गई।लगातार बारिश के चलते प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिन और रात के तापमान में गिरावट देखने को मिली है। कई इलाकों में मौसम सुहावना हुआ है, जबकि अधिक तापमान वाले जिलों में उमस लोगों को परेशान कर रही है।
पचमढ़ी-बैतूल में दिन का तापमान 25 डिग्री से नीचे
बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पचमढ़ी और बैतूल में दिन और रात का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है।वहीं रात के तापमान की बात करें तो पचमढ़ी और खरगोन में न्यूनतम तापमान करीब 18 डिग्री, जबकि बैतूल में रात का पारा 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा रहा दिन का तापमान
प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश के बावजूद दिन का तापमान 30 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया।
जिला अधिकतम तापमान
ग्वालियर 33.7°C
श्योपुर 32.4°C
दतिया 32.0°C
खरगोन 31.4°C
शिवपुरी 31.0°C
यहां सबसे कम रहा न्यूनतम तापमान
जिला न्यूनतम तापमान
पचमढ़ी, बैतूल 25.0°C
मलाजखंड 25.3°C
छिंदवाड़ा 26.2°C
सिवनी 26.6°C
भोपाल, धार 26.8°C
मौसम विभाग ने बारिश को लेकर अलर्ट किया जारी
मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ घंटों में प्रदेश के 13 जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है।मौसम विभाग ने बारिश के दौरान लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की स्थिति बन सकती है।