उत्तर प्रदेश में 4,612 जूनियर इंजीनियर (JE) पदों पर भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों का इंतजार अब प्रदर्शन में बदल गया है। भर्ती से जुड़े बड़ी संख्या में अभ्यर्थी लखनऊ पहुंचे और अपनी लंबित मांगों को लेकर आवाज उठाई। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी राजभवन कॉलोनी स्थित डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास के बाहर जुटे और चयन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर जल्द कार्रवाई की मांग की। अभ्यर्थियों का मुख्य जोर भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाने और लंबे समय से लंबित दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) के परिणाम को जल्द जारी करने पर रहा। इसके अलावा अभ्यर्थियों ने विभाग आवंटन से जुड़ी प्रक्रिया में 'डिपार्टमेंट स्किप' का विकल्प दिए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई।
4,612 JE पदों की भर्ती को लेकर बढ़ा इंतजार
UPSSSC की जूनियर इंजीनियर भर्ती में शामिल अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया के अगले चरण का इंतजार कर रहे हैं। लंबे समय से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने के कारण अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने में देरी से हजारों उम्मीदवारों के करियर और भविष्य की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इसी को लेकर अभ्यर्थियों ने सरकार और संबंधित अधिकारियों से भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की है। उनका कहना है कि आयोग और विभाग की ओर से लंबित चरणों को जल्द पूरा किया जाना चाहिए, ताकि उम्मीदवारों को आगे की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता मिल सके।
लखनऊ में डिप्टी CM के आवास के बाहर जुटे अभ्यर्थी
अपनी मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से अभ्यर्थी लखनऊ पहुंचे। राजभवन कॉलोनी में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास के बाहर उन्होंने प्रदर्शन किया। इस दौरान अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर दिलाने की कोशिश की। प्रदर्शन में शामिल उम्मीदवारों का कहना था कि उनका उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा उत्पन्न करना नहीं, बल्कि लंबे समय से लंबित मामलों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि संबंधित विभाग उनकी मांगों पर जल्द स्पष्ट फैसला ले और भर्ती की आगे की प्रक्रिया को निर्धारित समय में पूरा करे।
'डिपार्टमेंट स्किप' विकल्प की मांग क्यों उठा रहे अभ्यर्थी?
प्रदर्शन के दौरान 'डिपार्टमेंट स्किप' का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। अभ्यर्थियों की मांग है कि विभाग आवंटन की प्रक्रिया में उन्हें ऐसा विकल्प दिया जाए, जिससे वे अपनी स्थिति के अनुसार विभाग से संबंधित निर्णय ले सकें। अभ्यर्थियों का कहना है कि इस विकल्प से विभाग आवंटन की प्रक्रिया उनके लिए अधिक सुविधाजनक और स्पष्ट हो सकती है। इसी मांग को लेकर प्रतिनिधियों ने डिप्टी सीएम के सामने अपनी बात रखी और सरकार से इस पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
डिप्टी CM ब्रजेश पाठक से मिला अभ्यर्थियों का प्रतिनिधिमंडल
प्रदर्शन के बाद अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल की डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से मुलाकात हुई। प्रतिनिधियों ने उनके सामने भर्ती प्रक्रिया से संबंधित अपनी प्रमुख मांगें रखीं। इसमें दस्तावेज सत्यापन के परिणाम को जल्द जारी करने और 'डिपार्टमेंट स्किप' विकल्प उपलब्ध कराने जैसे मुद्दे शामिल रहे। बताया गया कि डिप्टी सीएम ने प्रतिनिधिमंडल की बात सुनी और उनकी मांगों पर उचित स्तर पर विचार किए जाने का आश्वासन दिया। इस मुलाकात के बाद अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग उनकी समस्याओं पर जल्द कोई ठोस फैसला ले सकता है।
दस्तावेज सत्यापन के परिणाम का इंतजार
भर्ती प्रक्रिया में दस्तावेज सत्यापन एक अहम चरण है। अभ्यर्थियों का कहना है कि इस चरण से जुड़ा परिणाम लंबे समय से लंबित है और उन्हें आगे की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया से संबंधित परिणाम जल्द जारी किया जाए, ताकि चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो सके। उनका कहना है कि हर चरण में देरी होने से उम्मीदवारों को अगली प्रक्रिया, नियुक्ति और अपने करियर को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।
पारदर्शिता को लेकर भी अभ्यर्थियों ने उठाई आवाज
प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों ने केवल प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग नहीं की, बल्कि पूरी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि भर्ती से जुड़े प्रत्येक चरण की स्पष्ट जानकारी अभ्यर्थियों तक समय पर पहुंचनी चाहिए। उम्मीदवारों की मांग है कि संबंधित विभाग लंबित प्रक्रियाओं की स्थिति को स्पष्ट करे और आगे की कार्रवाई को लेकर अभ्यर्थियों को आधिकारिक जानकारी उपलब्ध कराए। इससे उम्मीदवारों के बीच बनी असमंजस की स्थिति को कम किया जा सकता है।
आगे क्या उम्मीद कर रहे हैं JE अभ्यर्थी?
डिप्टी सीएम से मुलाकात और आश्वासन मिलने के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर सरकार और संबंधित विभाग की अगली कार्रवाई पर है। उम्मीदवारों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाएगा और भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल सबसे बड़ा इंतजार दस्तावेज सत्यापन के परिणाम और 'डिपार्टमेंट स्किप' विकल्प को लेकर किसी स्पष्ट निर्णय का है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि सरकार उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई करे, ताकि 4,612 पदों वाली JE भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ सके और उम्मीदवारों को अपने भविष्य को लेकर स्पष्टता मिल सके।