भोपाल: राजधानी भोपाल में मंगलवार से टैक्सी वाहनों के पहिए थम गए हैं। टैक्सी चालकों और संचालकों ने विभिन्न मांगों को लेकर 18, 19 और 20 अगस्त को तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। इससे शहर में टैक्सी सेवा प्रभावित होने की संभावना है और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। टैक्सी चालकों का आंदोलन टैक्सी यूनियन कल्याण समिति एवं भारतीय टैक्सी संचालक संघ के बैनर तले किया जा रहा है। यूनियन से जुड़े चालक और संचालक एग्रीगेटर कंपनियों की नीतियों और किराया व्यवस्था को लेकर नाराज हैं।
एग्रीगेटर कंपनियों की नीतियों का विरोध
टैक्सी संचालकों का आरोप है कि एग्रीगेटर कंपनियों की मौजूदा नीतियों के कारण चालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि बढ़ती लागत के मुकाबले उन्हें उचित किराया नहीं मिल रहा है। टैक्सी यूनियनों की प्रमुख मांगों में सरकार की ओर से टैक्सी का किराया तय करना भी शामिल है। चालकों का कहना है कि किराया नीति स्पष्ट और व्यावहारिक होनी चाहिए, ताकि उन्हें उनकी सेवाओं का उचित भुगतान मिल सके।
भोपाल में 3,500 से ज्यादा टैक्सियां
टैक्सी संचालकों के मुताबिक भोपाल में करीब 3,500 से ज्यादा टैक्सी वाहन संचालित होते हैं। ऐसे में तीन दिनों की हड़ताल का असर शहर की परिवहन व्यवस्था पर पड़ सकता है। हड़ताल के दौरान एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थानों से आने-जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है।
सरकार से समाधान की मांग
टैक्सी चालक और संचालक अपनी मांगों को लेकर सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि किराया निर्धारण और एग्रीगेटर कंपनियों की नीतियों से जुड़े मुद्दों का स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए। फिलहाल 18 से 20 अगस्त तक टैक्सी हड़ताल जारी रहने की बात कही गई है। यदि मांगों पर बातचीत के जरिए समाधान नहीं निकलता है, तो आंदोलन आगे भी बढ़ सकता है।