भोपाल: संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर मध्य प्रदेश में मंगलवार, 18 अगस्त से राज्यव्यापी समरसता संकल्प अभियान और कलश यात्रा की शुरुआत होगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सुबह 11 बजे अभियान का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए पावन कलश रवाना किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य गुरु रविदास के समता, भक्ति, सेवा, सामाजिक न्याय और मानवता के संदेश को प्रदेश के गांव-गांव तक पहुंचाना है।
20 अगस्त से जिला मुख्यालयों पर कलश वंदन
अभियान के तहत 20 अगस्त को सभी जिला मुख्यालयों पर कलश वंदन और सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद पावन कलश को कलश रथ के माध्यम से स्थानीय रविदास मंदिरों और गांवों तक पहुंचाया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों में 20 अगस्त से 10 सितंबर तक निर्धारित मार्गों पर कलश रथ यात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान सामूहिक आरती, गुरुवाणी पाठ, भजन संध्या और सामाजिक समरसता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
5 अक्टूबर से निकलेगी गुरु रविदास समरसता यात्रा
राज्य सरकार की ओर से 5 अक्टूबर से 5 नवंबर तक गुरु रविदास समरसता यात्रा भी निकाली जाएगी। यह यात्रा पंजाब के जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लन से शुरू होकर मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों और जिलों से होकर गुजरेगी। यात्रा के दौरान समरसता गोष्ठी, सामाजिक न्याय, सेवा और बेगमपुरा के आदर्श समाज जैसे विषयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके जरिए गुरु रविदास के विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने की योजना है।
18 से 31 अगस्त तक संत संपर्क अभियान
समरसता संकल्प अभियान के तहत 18 से 31 अगस्त तक संत संपर्क कार्यक्रम भी चलाया जाएगा। इसके माध्यम से विभिन्न संतों और धार्मिक गुरुओं को अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम के संचालन की जिम्मेदारी अनुसूचित जाति कल्याण विभाग को सौंपी गई है। वहीं, जनजातीय क्षेत्रों में अभियान की निगरानी जनजातीय कार्य विभाग करेगा। नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में भी अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारियां दी गई हैं।
गांव-गांव तक पहुंचेगा सामाजिक समरसता का संदेश
राज्य सरकार के इस अभियान का फोकस गुरु रविदास के सामाजिक और आध्यात्मिक विचारों को जन-जन तक पहुंचाने पर है। कलश यात्रा, संत संपर्क अभियान और समरसता यात्रा के जरिए प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में सामाजिक एकता, समानता और सेवा की भावना को बढ़ावा देने की कोशिश की जाएगी।