MP Weather 17 August 2026: मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए भी बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया है। 17 अगस्त को प्रदेश के 15 जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक मध्यप्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है। इस दौरान पूर्वी और मध्य क्षेत्र के जिलों में बारिश की गतिविधियां ज्यादा देखने को मिल सकती हैं।
जबलपुर में 120.2 MM बारिश रिकॉर्ड
पिछले 24 घंटे के दौरान मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जबलपुर के सीहोरा में सबसे ज्यादा 120.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह करीब 5 इंच के आसपास बारिश है। बारिश के कारण कई इलाकों में मौसम सुहावना हुआ है, वहीं लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर जलभराव और आवागमन से जुड़ी परेशानी भी सामने आ सकती है।
प्रदेश में अब तक 22.38 इंच बारिश
मध्यप्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक औसतन 22.38 इंच बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, यह प्रदेश की सामान्य औसत बारिश से करीब 2.85 इंच कम है। 1 जून से 17 अगस्त 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में सामान्य से करीब 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश की कमी लगभग 15 प्रतिशत है, जबकि पश्चिमी मध्यप्रदेश में यह आंकड़ा करीब 7 प्रतिशत कम है। यानी बारिश का दौर जारी रहने के बावजूद प्रदेश में अब तक मानसून की कुल बारिश सामान्य स्तर से नीचे बनी हुई है।
17 अगस्त को इन 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 17 अगस्त की सुबह 8:30 बजे से 18 अगस्त की सुबह 8:30 बजे तक सिवनी, मंडला, बालाघाट, रायसेन, राजगढ़, सतना, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर और छतरपुर में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक और करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। वहीं भोपाल, विदिशा, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, खरगोन, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर समेत प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।
18 अगस्त को भी कई जिलों में भारी बारिश
18 अगस्त की सुबह से 19 अगस्त की सुबह तक रीवा, बालाघाट, सिंगरौली, सीधी, शहडोल, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और पांढुर्णा में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं।
19 अगस्त को इन इलाकों में ज्यादा असर
19 अगस्त की सुबह से 20 अगस्त की सुबह तक कटनी, टीकमगढ़, रायसेन, सीधी, सतना, शहडोल, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, पन्ना, दमोह, सागर और छतरपुर में भारी बारिश के आसार हैं। इस दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर, रीवा, सिंगरौली, बालाघाट, छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
20 अगस्त को ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड में बारिश
20 अगस्त की सुबह 8:30 बजे से 21 अगस्त की सुबह 8:30 बजे तक विदिशा, ग्वालियर, दतिया, भिंड, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इस दौरान किसानों और आम लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी है।
21 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश के आसार
21 अगस्त की सुबह से 22 अगस्त की सुबह तक गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, श्योपुरकलां, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर, पन्ना, दमोह समेत कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
सागर संभाग में छाए बादल
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में सागर के पूर्वी हिस्से में निम्न से मध्यम स्तर के बादल बने हुए हैं। इसके चलते सागर संभाग और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। आने वाले दिनों में सिस्टम और स्थानीय मौसम परिस्थितियों के प्रभाव से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
अगले पांच दिन कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान से साफ है कि मध्यप्रदेश में अगले पांच दिनों तक बारिश से राहत मिलने के आसार कम हैं। कहीं भारी बारिश तो कहीं हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान तेज हवाओं की रफ्तार करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। खासकर भारी बारिश वाले जिलों में लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने की जरूरत होगी।
प्रदेश में बारिश की स्थिति सामान्य से कम
हालांकि कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है, लेकिन पूरे प्रदेश के आंकड़ों पर नजर डालें तो मानसून अब भी सामान्य से पीछे है। 17 अगस्त तक प्रदेश में सामान्य औसत की तुलना में करीब 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश की कमी ज्यादा है, जहां सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम पानी बरसा है। पश्चिमी हिस्से में यह कमी करीब 7 प्रतिशत है। ऐसे में अगले कुछ दिनों की बारिश प्रदेश के बारिश के आंकड़े को सुधार सकती है।