जम्मू। जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में स्थित प्राचीन बाबा बूढ़ा अमरनाथ मंदिर की वार्षिक यात्रा सोमवार को धार्मिक उत्साह और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू से तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को पुंछ के लिए रवाना किया। पूजा-अर्चना के बाद उपराज्यपाल ने सुबह करीब 6:30 बजे भगवती नगर यात्री निवास से तीर्थयात्रियों को रवाना किया। जम्मू से पुंछ तक करीब 230 किलोमीटर लंबी यह यात्रा 12 दिनों तक चलेगी और 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन इसका समापन होगा।
कड़ी सुरक्षा के बीच रवाना हुआ पहला जत्था
यात्रियों का काफिला जम्मू-राजौरी-पुंछ मार्ग से पुलिस सुरक्षा में आगे बढ़ेगा। यात्रा मार्ग पर अतिरिक्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती की गई है। राजौरी और पुंछ में कई स्तरों पर सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों के मुताबिक विशेष अभियान दल के जवान कई स्थानों पर तलाशी और जांच अभियान चला रहे हैं। तीर्थयात्रियों के ठहरने वाले स्थानों, जिसमें दशानामी अखाड़ा भी शामिल है, पर सुरक्षा जांच की जा रही है। जम्मू-राजौरी-पुंछ राजमार्ग पर भी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और संवेदनशील स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
'आस्था, अनुशासन और एकता का पवित्र मार्ग'
रविवार को यात्रा के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने की यात्रा नहीं है, बल्कि यह आत्मबोध और भगवान शिव की शाश्वत चेतना की ओर बढ़ने वाली आध्यात्मिक यात्रा है। उन्होंने इसे आस्था, अनुशासन और एकता का पवित्र मार्ग बताया और श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सुखद यात्रा की कामना की।
देशभर से जम्मू पहुंचे श्रद्धालु
यात्रा को लेकर जम्मू में श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, दिल्ली, महाराष्ट्र और गुजरात समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु जम्मू पहुंचे। श्रद्धालु 'बम-बम भोले', 'जय भोलेनाथ' और 'भारत माता की जय' के जयकारे लगाते नजर आए। उत्तर प्रदेश से आईं श्रद्धालु रीता देवी ने यात्रा को लेकर उत्साह जताया। वहीं कर्नाटक से पहुंचे देवरत्तन ने कहा कि बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व बेहद खास है। उन्होंने पिछले वर्षों में आतंकवादी घटनाओं के कारण आई बाधाओं के बाद बड़े स्तर पर यात्रा शुरू होने पर खुशी जताई।
जम्मू-पुंछ मार्ग पर यातायात के विशेष इंतजाम
यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। यातायात पुलिस ने 17 से 28 अगस्त तक जम्मू-पुंछ मार्ग पर पंजीकृत तीर्थयात्री काफिलों के लिए निर्धारित समय का पालन अनिवार्य किया है। राजौरी जिले के सुंदरबनी, नौशेरा और राजल समेत प्रमुख पड़ावों पर श्रद्धालुओं के लिए लंगर और स्वागत केंद्र बनाए गए हैं। पुंछ जिला प्रशासन ने देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अग्रिम पंजीकरण की व्यवस्था वाला विशेष पोर्टल भी शुरू किया है।
4,600 फीट की ऊंचाई पर स्थित है मंदिर
बाबा बूढ़ा अमरनाथ मंदिर समुद्र तल से करीब 4,600 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। मान्यता है कि मंदिर में स्वयं प्रकट सफेद पत्थर का शिवलिंग विराजमान है। श्रद्धालु मंदिर में पूजा-अर्चना से पहले पास की पुलस्त्य नदी में पवित्र स्नान करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस नदी का नाम ऋषि पुलस्त्य के नाम पर पड़ा है।
28 अगस्त को होगा यात्रा का समापन
12 दिन तक चलने वाली बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा का समापन 28 अगस्त, रक्षाबंधन के दिन होगा। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रा को सुरक्षित एवं सुचारु बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।