रायपुर। छत्तीसगढ़ चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों की पोस्टिंग के करीब डेढ़ महीने बाद अपने आदेश में संशोधन किया है। 11 अगस्त को जारी संशोधित आदेश में 12 प्रोफेसरों की पदस्थापना बदली गई है। विभाग ने यह फैसला पुराने मेडिकल कॉलेजों में संचालित PG सीटों पर संभावित असर को देखते हुए लिया है। बता दें कि चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 25 जून को मेडिकल कॉलेजों के करीब 45 डॉक्टरों का प्रमोशन किया था। प्रमोशन के बाद कई प्रोफेसरों को नए मेडिकल कॉलेजों में पदस्थ किया गया था। बाद में अधिकारियों के स्तर पर पुराने मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों की कमी और PG सीटों पर पड़ने वाले प्रभाव की समीक्षा की गई।
इन 12 प्रोफेसरों की पोस्टिंग में बदलाव
संशोधित आदेश के तहत इन प्रोफेसरों की पदस्थापना में बदलाव किया गया है:
- डॉ. स्निग्धा जैन बंसल — रायपुर
- डॉ. मनीष पाटिल — दुर्ग
- डॉ. नितिन वले — दुर्ग
- डॉ. शशिकला कोसम — कबीरधाम
- डॉ. राजीव रतन जैन — रायपुर, 100 बिस्तर कैंसर संस्थान
- डॉ. नरेन्द्र नरसिंह — महासमुंद
- डॉ. विशाल कलकर्णी — कांकेर
- डॉ. केशव कश्यप — बिलासपुर
- डॉ. चंद्रपाल भगत — दुर्ग
- डॉ. अजय हलवाई — दुर्ग
- डॉ. राजेन्द्र रात्रे — महासमुंद
- डॉ. विवेक शर्मा — दुर्ग
45 डॉक्टरों के प्रमोशन के बाद सामने आई समस्या
विभाग ने नए मेडिकल कॉलेजों में खाली पदों को भरने और उन्हें मान्यता दिलाने की प्रक्रिया के तहत करीब 45 डॉक्टरों का प्रमोशन किया था। प्रमोशन के बाद इन डॉक्टरों को नए मेडिकल कॉलेजों में पदस्थ किया गया। हालांकि, बाद में यह सवाल उठा कि वरिष्ठ प्रोफेसरों को पुराने मेडिकल कॉलेजों से हटाने का वहां चल रही PG सीटों पर क्या असर पड़ेगा। समीक्षा के दौरान रायपुर और बिलासपुर के कुछ विभागों में प्रोफेसरों की कमी से PG सीटों के प्रभावित होने की आशंका सामने आई।
रायपुर में 3 PG सीटों पर मंडरा रहा था संकट
रायपुर के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग में एक प्रोफेसर के पद पर रहते हुए तीन PG सीटें संचालित हो रही हैं। यदि संबंधित प्रोफेसर का तबादला कर दिया जाता तो विभाग में प्रोफेसर का पद खाली हो जाता। ऐसे में तीनों PG सीटों के संचालन पर संकट खड़ा हो सकता था। इसी तरह बिलासपुर के फिजियोलॉजी विभाग में प्रोफेसर के स्थानांतरण के बाद प्रोफेसर का पद खाली होने की स्थिति बन रही थी। इससे वहां संचालित PG सीटों के प्रभावित होने की आशंका थी।
पुराने कॉलेजों की PG सीटें बचाने के लिए बदला फैसला
इन परिस्थितियों की समीक्षा के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने अपने पहले के पोस्टिंग आदेश में संशोधन किया। विभाग का उद्देश्य नए मेडिकल कॉलेजों में रिक्त पदों को भरने के साथ-साथ पुराने मेडिकल कॉलेजों में चल रही PG सीटों और उनकी मान्यता को प्रभावित होने से बचाना है। संशोधित पोस्टिंग व्यवस्था के जरिए विभाग ने दोनों जरूरतों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। अब 12 प्रोफेसरों की नई पदस्थापना के बाद पुराने मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकीय पदों और PG सीटों की स्थिति को बनाए रखने पर जोर दिया गया है।