उत्तरप्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। राजधानी लखनऊ में सोमवार तड़के करीब 5 बजे से तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है और दिन में भी अंधेरा छाया हुआ है। मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 46 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
बारिश का असर केवल शहरों तक सीमित नहीं है। प्रदेश के कई हिस्सों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। गंगा और यमुना समेत 11 नदियां उफान पर हैं। उन्नाव में गंगा का पानी रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है, जबकि वाराणसी में घाटों के आसपास बने 100 से ज्यादा छोटे मंदिर पानी में डूब गए हैं।
लखनऊ में दूसरे दिन भी तेज बारिश
लखनऊ में सोमवार सुबह से ही तेज बारिश हो रही है। तड़के करीब 5 बजे शुरू हुई बारिश के साथ तेज हवाएं भी चलीं। लगातार बरसात के कारण कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। आसमान में घने बादल छाए रहने से दिन के समय भी अंधेरा जैसा माहौल बना हुआ है।राजधानी में इससे पहले रविवार को भी रुक-रुककर बारिश हुई थी। लगातार दूसरे दिन बारिश होने से शहर में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका बढ़ गई है।
प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने आज उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 46 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। ऐसे में निचले इलाकों, नदी किनारे बसे गांवों और पहले से जलभराव वाले क्षेत्रों में परेशानी और बढ़ सकती है।रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला रहा। लखनऊ, रायबरेली, कानपुर, वाराणसी और बरेली समेत करीब 25 शहरों में रुक-रुककर बारिश दर्ज की गई। वहीं गोरखपुर समेत 20 से अधिक शहरों में दिनभर बादल छाए रहे।
रायबरेली में अस्पताल परिसर में भरा पानी
लगातार बारिश का असर रायबरेली में भी देखने को मिला। बारिश के बाद सरकारी अस्पताल परिसर में पानी भर गया। अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर जलभराव होने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के दौरान जलनिकासी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते दिखाई दिए।
फर्रुखाबाद में रेलवे ट्रैक पानी में डूबा
फर्रुखाबाद में भी बारिश के बाद हालात बिगड़ गए। नेकपुर पुल के पास करीब 150 मीटर लंबा कासगंज-कानपुर रेलवे ट्रैक पानी में डूब गया। रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से रेल संचालन पर भी असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।लगातार बारिश और जलभराव के कारण आसपास के इलाकों में लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गंगा-यमुना समेत 11 नदियां उफान पर
प्रदेश में बारिश के साथ नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। गंगा और यमुना समेत 11 नदियां उफान पर बताई जा रही हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी और बरदहा नदी का पानी भी बढ़ने लगा है।रामघाट पर नदी का जलस्तर बढ़ने से घाट की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। इससे घाट पर आने-जाने वाले लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं।
मानिकपुर का रपटा 36 घंटे से जलमग्न
चित्रकूट के मानिकपुर में यूपी और मध्यप्रदेश को जोड़ने वाला छोटा पुल यानी रपटा पिछले करीब 36 घंटे से पानी में डूबा हुआ है। पुल के जलमग्न होने से दोनों राज्यों के बीच स्थानीय आवागमन प्रभावित हुआ है।नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने की स्थिति में इस मार्ग पर आवाजाही और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
उन्नाव में घरों तक पहुंचा गंगा का पानी
उन्नाव में गंगा का जलस्तर बढ़ने से पानी रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है। कई घरों में पानी घुसने के बाद लोगों को सुरक्षित स्थान की तलाश करनी पड़ रही है। कुछ परिवारों को घर की छतों पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है।जलभराव इतना अधिक है कि कई गलियों में नावों की मदद से लोगों की आवाजाही हो रही है। इससे स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है।
वाराणसी में 100 से ज्यादा छोटे मंदिर डूबे
वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने का असर घाटों पर साफ दिखाई दे रहा है। घाट किनारे बने 100 से अधिक छोटे मंदिर पानी में डूब गए हैं। गंगा का पानी लगातार बढ़ने से घाटों का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया है।