मध्यप्रदेश के किसानों के लिए राहत की खबर है। प्रदेश में दो दिन तक खाद वितरण पर लगी रोक अब खत्म हो गई है। 17 अगस्त से किसानों को खाद का नियमित वितरण फिर से शुरू किया जा रहा है। डॉ. मोहन यादव सरकार ने खाद की उपलब्धता और स्टॉक की स्थिति की जांच के बाद दोबारा वितरण शुरू करने का फैसला लिया है।सरकार का कहना है कि किसानों को जरूरत के मुताबिक पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। खाद की बिक्री शुरू होने से प्रदेश के करीब 82 लाख किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
दो दिन स्टॉक वेरिफिकेशन के कारण बंद रहा वितरण
प्रदेश में 15 और 16 अगस्त को खाद की बिक्री और वितरण का काम रोक दिया गया था। इस दौरान खाद के स्टॉक का सत्यापन किया गया, ताकि उपलब्ध मात्रा का सही आंकलन किया जा सके और वितरण व्यवस्था में किसी तरह की गड़बड़ी न रहे।स्टॉक वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब 17 अगस्त से प्रदेशभर में खाद का नियमित वितरण दोबारा शुरू किया जा रहा है।
किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने का दावा
सरकार की ओर से दावा किया गया है कि प्रदेश में किसानों की जरूरत को देखते हुए पर्याप्त खाद उपलब्ध है। सत्यापन के बाद स्टॉक की स्थिति स्पष्ट होने से अब किसानों को खाद उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सामान्य रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।खाद की बिक्री दोबारा शुरू होने से उन किसानों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी, जिन्हें फसलों के लिए खाद की तत्काल जरूरत है।
करीब 82 लाख किसानों को मिलेगी राहत
मध्यप्रदेश में बड़ी संख्या में किसान खरीफ फसलों की खेती से जुड़े हैं। ऐसे समय में खाद की उपलब्धता किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार के मुताबिक प्रदेश के करीब 82 लाख किसानों को खाद वितरण शुरू होने से सीधा फायदा मिलेगा।खाद की नियमित आपूर्ति होने से किसानों को फसल की जरूरत के मुताबिक समय पर खाद मिलने की उम्मीद है।
आज से प्रदेशभर में फिर शुरू होगा वितरण
15 और 16 अगस्त को सत्यापन के चलते बंद रही खाद की बिक्री अब 17 अगस्त से फिर शुरू हो रही है। ऐसे में किसान अपने क्षेत्र में निर्धारित वितरण केंद्रों से खाद प्राप्त कर सकेंगे।सरकार के पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने के दावे के बाद किसानों को उम्मीद है कि खाद लेने के दौरान उन्हें पहले जैसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।