चित्तौड़गढ़ - राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को पूरा नहीं गाया गया और इसे बीच में रोकने के लिए कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने कथित तौर पर कहा।
‘140 करोड़ लोग देख रहे थे’—शाह
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस मुख्यालय में जब ‘वंदे मातरम’ का गायन चल रहा था, उसी दौरान सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष से गीत रोकने के लिए कहा। उन्होंने इस घटना को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की जनता इस पूरे घटनाक्रम को देख रही थी। शाह ने दावा किया कि 140 करोड़ भारतीयों ने यह देखा है और कांग्रेस को इस मामले में जवाब देना चाहिए।
हालांकि, ‘वंदे मातरम’ को कथित तौर पर बीच में रोकने को लेकर शाह द्वारा लगाए गए आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए किसी पुष्ट बयान या स्पष्टीकरण से अलग हैं। इसलिए इस मामले में दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग देखना जरूरी है।
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का भी किया जिक्र
अमित शाह ने अपने भाषण में ‘वंदे मातरम’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का उल्लेख करते हुए कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत का सम्मान देश की राष्ट्रीय भावना और स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से जुड़ा विषय है। शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी ने राजनीतिक कारणों और कथित वोट-बैंक की राजनीति के चलते ‘वंदे मातरम’ के महत्व को नजरअंदाज किया है। उन्होंने इसे लेकर कांग्रेस की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा रहा है ‘वंदे मातरम’
‘वंदे मातरम’ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशभक्ति की भावना को मजबूत करने वाले प्रमुख गीतों में शामिल रहा है। इसे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने अपने प्रसिद्ध उपन्यास ‘आनंदमठ’ में शामिल किया था। स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में इस गीत ने लोगों को एकजुट करने और राष्ट्रीय चेतना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।आजादी के बाद ‘वंदे मातरम’ को देश के राष्ट्रीय गीत का दर्जा मिला, जबकि ‘जन गण मन’ को राष्ट्रगान के रूप में मान्यता प्राप्त है।
कांग्रेस पर लगातार हमलावर हैं अमित शाह
स्वतंत्रता दिवस और विभाजन की घटनाओं को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज रही है। बीजेपी नेता कांग्रेस की ऐतिहासिक भूमिका और तत्कालीन फैसलों पर सवाल उठाते रहे हैं, जबकि कांग्रेस अक्सर इन आरोपों को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाती रही है। चित्तौड़गढ़ की सभा में अमित शाह ने इसी राजनीतिक बहस को आगे बढ़ाते हुए ‘वंदे मातरम’ को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गीत का सम्मान किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश का विषय है।
आरोपों पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया का इंतजार
अमित शाह के आरोपों के बाद अब कांग्रेस की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर आधिकारिक प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फिलहाल शाह के बयान का केंद्र कांग्रेस मुख्यालय में हुए स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम और ‘वंदे मातरम’ के कथित रूप से अधूरे गायन पर है। इस मुद्दे ने एक बार फिर राष्ट्रवाद, स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत और राजनीतिक दलों की भूमिका को लेकर बहस को तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की प्रतिक्रिया से इस राजनीतिक विवाद को और धार मिलने की संभावना है।