मध्यप्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने वाला है। निम्न दाब क्षेत्र और मानसून ट्रफ के प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय है। इसके चलते जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के कई जिलों में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को प्रदेश के 18 जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। इनमें जबलपुर, सागर, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, पन्ना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, रायसेन और नर्मदापुरम शामिल हैं।इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान कहीं-कहीं 4 इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। भारी बारिश की वजह से निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है।
जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में सबसे ज्यादा असर
मौसम का सबसे ज्यादा प्रभाव मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से में दिखाई दे रहा है। जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के कई जिलों में बारिश का सिस्टम मजबूत रहने की संभावना है।इन क्षेत्रों में लगातार बारिश होने से ग्रामीण और शहरी इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
इन जिलों में भी जारी रहेगी बारिश
भारी बारिश वाले जिलों के अलावा प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल और हरदा में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।इसके अलावा ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सतना, मैहर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश का असर देखने को मिलेगा।
भोपाल और ग्वालियर-चंबल संभाग में भी अलर्ट
मौजूदा मौसम सिस्टम का असर केवल पूर्वी मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक भोपाल और ग्वालियर-चंबल संभाग के कुछ जिलों में भी तेज बारिश हो सकती है।16, 17 और 18 अगस्त को इन क्षेत्रों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।
लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ से बढ़ी बारिश
मध्यप्रदेश में बारिश के इस नए दौर की प्रमुख वजह लो प्रेशर एरिया यानी निम्न दाब क्षेत्र और मानसून ट्रफ को माना जा रहा है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में नमी बढ़ी है, जिससे बादल सक्रिय हैं और कई इलाकों में तेज बारिश हो रही है।मौसम सिस्टम के सक्रिय रहने तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी मौसम की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए।भारी बारिश के दौरान सड़क पर दृश्यता कम होने और कुछ स्थानों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है। ऐसे में जरूरी होने पर ही यात्रा करने और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सलाह है।