नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस सिर्फ देशभक्ति और तिरंगे का पर्व नहीं, बल्कि भारत की विविध संस्कृति को करीब से जानने का अवसर भी है। 15 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले पारंपरिक ‘At Home’ रिसेप्शन में इस बार देश के अलग-अलग हिस्सों की खानपान परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। खास बात यह है कि इस साल के मेन्यू में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गोवा और महाराष्ट्र के पारंपरिक व्यंजनों को जगह दी गई है। राष्ट्रपति भवन की ओर से आयोजित इस विशेष समारोह में देश की सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय परंपराओं और प्रकृति के साथ समुदायों के संबंध को भी रेखांकित किया जाएगा। इस आयोजन में बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि शामिल होंगे और उनके लिए तैयार किए गए मेन्यू में क्षेत्रीय स्वाद को खास प्राथमिकता दी गई है।
500 से ज्यादा मेहमानों के लिए तैयार होगा खास मेन्यू
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में होने वाला ‘At Home’ रिसेप्शन देश के प्रमुख राष्ट्रीय आयोजनों में शामिल है। इस बार इसमें 500 से अधिक मेहमानों के शामिल होने की जानकारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, राजनयिक, राजदूत और विदेशी गणमान्य व्यक्ति कार्यक्रम का हिस्सा बन सकते हैं। इस बार मेन्यू को इस तरह तैयार किया गया है कि अलग-अलग राज्यों की पारंपरिक पाक-कला और स्थानीय स्वाद को एक ही प्लेट में जगह मिल सके।
इंदौर के पोहे से होगी मेहमानों की शुरुआत
मध्य प्रदेश की पहचान बन चुका इंदौरी पोहा इस खास मेन्यू में शामिल है। चपटे चावल से तैयार होने वाले पोहे को इंदौरी अंदाज में जीरावन मसाले, सेव, प्याज, धनिया और अनार के दानों के साथ परोसा जाता है। हल्का मसालेदार स्वाद, कुरकुरे सेव और खट्टे-मीठे फ्लेवर इसे दूसरे तरह के पोहे से अलग पहचान देते हैं। राष्ट्रपति भवन की दावत में इंदौर के इस लोकप्रिय नाश्ते को जगह मिलना मध्य प्रदेश की खानपान परंपरा को राष्ट्रीय मंच पर सामने लाने जैसा है।
गोवा की दो पारंपरिक मिठाइयां भी मेन्यू में
गोवा के पारंपरिक स्वाद को भी इस बार विशेष जगह दी गई है। मेन्यू में पटोलियो और डोडोल जैसी पारंपरिक मिठाइयां शामिल की गई हैं। पटोलियो चावल, नारियल, गुड़ और इलायची से तैयार किया जाता है और इसे हल्दी के पत्तों में लपेटकर भाप में पकाया जाता है। वहीं डोडोल नारियल के दूध, गुड़ और चावल के आटे से तैयार होने वाली गाढ़ी और मुलायम मिठाई है। इन दोनों व्यंजनों के जरिए गोवा की पारंपरिक मिठास और स्थानीय पाक-कला को मेहमानों तक पहुंचाया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के मिनी फर्रा और बफौरी की भी होगी एंट्री
छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों को भी इस बार राष्ट्रपति भवन के मेन्यू में खास स्थान मिला है। मिनी फर्रा चावल के आटे से तैयार होने वाला भाप में पकाया जाने वाला व्यंजन है। इसमें क्षेत्रीय स्वाद के अनुसार दाल, मसाले और दूसरी सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। इसके साथ ही बफौरी भी मेहमानों को परोसी जाएगी। चना दाल से बनने वाला यह पारंपरिक स्नैक भाप में पकाया जाता है और आमतौर पर चटनी के साथ खाया जाता है।
महाराष्ट्र की खमंग ककड़ी भी बनेगी आकर्षण
मेन्यू में महाराष्ट्र की खमंग ककड़ी को भी शामिल किया गया है। यह खीरे से तैयार होने वाला पारंपरिक सलाद है, जिसमें नारियल, मूंगफली, हरी मिर्च और धनिया का इस्तेमाल किया जाता है। सरसों के दानों का तड़का इसके स्वाद और खुशबू को खास बनाता है। हल्का और ताजा होने के कारण यह व्यंजन मेन्यू में एक अलग तरह का स्वाद जोड़ता है।
कोदो मिलेट खीर में दिखेगा देसी मिलेट का स्वाद
इस खास दावत में कोदो मिलेट खीर भी परोसी जाएगी। कोदो मिलेट को दूध और चीनी या गुड़ के साथ पकाकर तैयार की जाने वाली यह मिठाई भारतीय पारंपरिक अनाजों की ओर बढ़ते रुझान को भी दर्शाती है। खीर को इलायची, केसर और ड्राई फ्रूट्स से सजाया जा सकता है। इस तरह पारंपरिक स्वाद के साथ स्थानीय और पौष्टिक अनाज को भी मेन्यू में जगह दी गई है।
चार राज्यों के स्वाद से सजेगा स्वतंत्रता दिवस का आयोजन
राष्ट्रपति भवन का यह मेन्यू केवल अलग-अलग व्यंजनों का संग्रह नहीं है, बल्कि भारत की ‘विविधता में एकता’ की तस्वीर भी पेश करता है। छत्तीसगढ़ के फर्रा और बफौरी से लेकर मध्य प्रदेश के इंदौरी पोहे, गोवा की पारंपरिक मिठाइयों और महाराष्ट्र की खमंग ककड़ी तक, हर व्यंजन अपने क्षेत्र की संस्कृति और परंपरा को दर्शाता है। इस तरह 15 अगस्त का यह विशेष आयोजन देश की राजनीतिक और संवैधानिक गरिमा के साथ-साथ भारत की समृद्ध खानपान विरासत को भी राष्ट्रीय मंच पर सामने लाएगा।