स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पन्ना-गुनौर विधायक राजेश वर्मा के कार्यालय में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई। ध्वजारोहण के समय जैसे ही विधायक राजेश वर्मा ने तिरंगा फहराने के लिए रस्सी खींची, पोल से राष्ट्रीय ध्वज का बंधा हिस्सा टूट गया और तिरंगा सीधे जमीन पर जा गिरा। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में असहज स्थिति बन गई और ध्वजारोहण की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
रस्सी खींचते ही पोल से टूटकर नीचे गिरा तिरंगा
बताया गया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधायक कार्यालय में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में विधायक सहित कार्यकर्ता और अन्य लोग मौजूद थे। निर्धारित प्रक्रिया के तहत विधायक राजेश वर्मा ने जैसे ही ध्वजारोहण के लिए रस्सी खींची, अचानक तिरंगा पोल से अलग होकर जमीन पर गिर गया। घटना के बाद तत्काल तिरंगे को उठाया गया।
राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा से जुड़े मामले में जिम्मेदारी पर सवाल
स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण की व्यवस्था में सामने आई इस घटना ने जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि ध्वजारोहण से पहले पोल, रस्सी और राष्ट्रीय ध्वज को ठीक तरह से जांचा जाना चाहिए था। सवाल यह भी है कि कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाओं का पूर्व निरीक्षण किसने किया था और इस लापरवाही की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? राष्ट्रीय ध्वज देश के सम्मान और गौरव का प्रतीक है। ऐसे में ध्वजारोहण के दौरान तिरंगे का जमीन पर गिरना गंभीर विषय माना जा रहा है। अब देखना होगा कि इस मामले में आयोजन की व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कोई जवाबदेही तय की जाती है या नहीं।