नई दिल्ली- 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश को संबोधित किया। उनके संबोधन में युवा शक्ति, महिला सशक्तिकरण, अर्थव्यवस्था, विदेश नीति, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और विकसित भारत के लक्ष्य जैसे कई अहम मुद्दे शामिल रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के संबोधन को प्रेरणादायक और विचारशील बताते हुए कहा कि उनके विचार देश की ताकत और हर भारतीय की आकांक्षाओं को दर्शाते हैं। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में देश की उपलब्धियों के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों और विकास के लक्ष्यों पर विस्तार से बात की। उन्होंने खास तौर पर देश की युवा आबादी को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की सराहना की। राष्ट्रपति के संबोधन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनकी बातों की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति का संदेश देश को विकसित भारत के निर्माण के लिए दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
PM मोदी ने राष्ट्रपति के संबोधन को बताया प्रेरणादायक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन को लेकर कहा कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर दिया गया उनका संदेश बेहद प्रेरणादायक और विचारशील है। पीएम मोदी के मुताबिक, राष्ट्रपति के विचार भारत की मजबूती और देश के प्रत्येक नागरिक की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करते हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का संबोधन सभी भारतीयों को विकसित भारत के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करने की प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब देश 15 अगस्त को 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी कर रहा था।

राष्ट्रपति ने युवा शक्ति को बताया देश की सबसे बड़ी संपदा
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में देश की युवा आबादी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की कुल आबादी में करीब 65 प्रतिशत लोग 35 वर्ष से कम उम्र के हैं। राष्ट्रपति ने इस युवा आबादी को देश की सबसे महत्वपूर्ण संपदा बताया।
उन्होंने कहा कि भारतीय युवा प्रतिभाशाली, प्रतिबद्ध और कुशल हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में युवा अपनी समस्याओं के व्यावहारिक और नए समाधान खोज रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि युवाओं की यह सोच समाज और देश के प्रति उनकी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता को दिखाती है।
शिक्षा में बेटियों के बेहतर प्रदर्शन की सराहना
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों के प्रदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि देश की बेटियां लगातार विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं की बढ़ती आर्थिक आत्मनिर्भरता का उल्लेख करते हुए कहा कि आज महिलाएं कृषि से लेकर विज्ञान, तकनीक और सुरक्षा के क्षेत्र तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ड्रोन दीदी से लेकर भारतीय वायुसेना में फाइटर कॉम्बैट लीडर बनने तक महिलाओं की भागीदारी का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
अर्थव्यवस्था की मजबूती का किया जिक्र
राष्ट्रपति ने भारत की आर्थिक प्रगति को भी अपने संबोधन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
उन्होंने देश की आर्थिक क्षमता, विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। राष्ट्रपति के मुताबिक, भारत की आर्थिक प्रगति का लाभ समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
विदेश नीति में भारत की बढ़ती भूमिका
राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत की विदेश नीति पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश की विदेश नीति राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ रही है। उन्होंने आर्थिक सहयोग बढ़ाने और दूसरे देशों के साथ संबंध मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख किया। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत ने कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स किए हैं, जिससे आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने में मदद मिली है। उन्होंने ग्लोबल साउथ में भारत की भूमिका का भी उल्लेख किया और कहा कि विश्व मंच पर भारत का सम्मान लगातार बढ़ रहा है।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक विकास पर जोर
राष्ट्रपति ने भारत में तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि तकनीक और डिजिटल व्यवस्था देश के विकास को नई गति दे रही है। डिजिटल सुविधाओं के विस्तार के साथ शासन, शिक्षा, वित्तीय सेवाओं और आम नागरिकों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच आसान हुई है। राष्ट्रपति ने आधुनिक तकनीक को भारत के भविष्य के विकास से जोड़ते हुए इसके प्रभावी इस्तेमाल पर जोर दिया।
विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ने का संदेश
राष्ट्रपति के संबोधन का व्यापक संदेश विकसित भारत के निर्माण से जुड़ा रहा। उन्होंने देशवासियों से विकास की इस यात्रा में अपनी भूमिका निभाने की अपील की।
राष्ट्रपति ने युवाओं, महिलाओं, किसानों, उद्यमियों और समाज के अलग-अलग वर्गों की भागीदारी को देश की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने भी राष्ट्रपति के संबोधन की तारीफ करते हुए इसे देश को विकसित भारत के संकल्प की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देने वाला बताया।