जयपुर की बड़ी चौपड़ पर स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित बीजेपी के ध्वजारोहण कार्यक्रम में शनिवार को एक ऐसी घटना हो गई, जिसने कुछ देर के लिए समारोह का माहौल असहज कर दिया। तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ बजाया जाना था, लेकिन साउंड सिस्टम से इसके बजाय दूसरी धुन बज गई। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच इस घटना को लेकर असहजता देखने को मिली। मामला सामने आने के बाद बीजेपी राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने तुरंत इसकी जिम्मेदारी लेते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने इसे साउंड टीम की तकनीकी और मानवीय चूक बताया।
ध्वजारोहण के बाद हुई चूक
15 अगस्त को बड़ी चौपड़ पर बीजेपी की ओर से आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में मदन राठौड़ ने तिरंगा फहराया। इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ बजाया जाना था। इसी दौरान साउंड सिस्टम पर अपेक्षित ऑडियो के बजाय दूसरी धुन सुनाई देने लगी। मौके पर मौजूद लोगों के साथ मंच पर बैठे बीजेपी नेताओं का ध्यान भी इस गलती की ओर गया। कार्यक्रम में सांसद मंजू शर्मा, विधायक बालमुकुंद आचार्य सहित पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी चर्चा
कार्यक्रम के दौरान हुई यह चूक वहां मौजूद कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। बाद में इसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। राष्ट्रीय पर्व के कार्यक्रम में राष्ट्रगीत से जुड़ी इस गलती को गंभीरता से लेते हुए पार्टी प्रदेश अध्यक्ष ने खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट की।
मदन राठौड़ बोले- गलती की नैतिक जिम्मेदारी मेरी
घटना के बाद मदन राठौड़ ने इसे आयोजन व्यवस्था से जुड़ी टीम की गलती बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पर्व के मौके पर राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के सम्मान से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष ने इस चूक पर खेद जताते हुए जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और कहा कि जिम्मेदार पद पर होने के नाते वह इस गलती की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं।
राष्ट्रीय गीत के प्रोटोकॉल पर दिया जोर
मदन राठौड़ ने यह भी कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत से जुड़े प्रोटोकॉल का पूरी सावधानी से पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने आयोजन से जुड़ी व्यवस्था में भविष्य में ऐसी चूक न हो, यह सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया।
बड़ी चौपड़ पर दशकों पुरानी है स्वतंत्रता दिवस की परंपरा
जयपुर की बड़ी चौपड़ सिर्फ शहर का प्रमुख सार्वजनिक स्थल ही नहीं, बल्कि स्वतंत्रता दिवस समारोहों की पुरानी परंपरा से भी जुड़ी हुई है। यहां लंबे समय से राष्ट्रीय पर्वों पर आम लोगों की मौजूदगी में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। बड़ी चौपड़ की खासियत यह भी है कि यहां राष्ट्रीय पर्व के दौरान राजनीतिक दलों के नेता और आम नागरिक एक ही सार्वजनिक माहौल में कार्यक्रमों का हिस्सा बनते हैं। स्वतंत्रता दिवस पर यहां होने वाले आयोजन जयपुर की राजनीतिक और सामाजिक परंपरा का हिस्सा माने जाते हैं।
अब आयोजन की व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
‘वंदे मातरम’ के दौरान हुई इस चूक के बाद सोशल मीडिया पर आयोजन की साउंड व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की ओर से गलती को स्वीकार करते हुए माफी मांगे जाने के बाद पार्टी ने मामले पर अपना पक्ष साफ कर दिया है।