Uttarakhand Weather Alert: उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर अपना असर दिखा रहा है। राज्य के दो जिलों में आज भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि आठ जिलों में यलो अलर्ट है। मौसम विभाग ने पिथौरागढ़ और बागेश्वर में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना जताई है। लगातार बारिश के बीच पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा भी बढ़ गया है। राज्य में भूस्खलन के कारण 105 सड़कें अभी भी बंद हैं। वहीं टिहरी बांध का जलस्तर चेतावनी स्तर को पार कर चुका है, जबकि देवप्रयाग में गंगा भी चेतावनी निशान से ऊपर बह रही है।
पिथौरागढ़ और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के देहरादून केंद्र के अनुसार आज पिथौरागढ़ और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। बारिश के दौरान गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। वहीं देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, नैनीताल और चंपावत में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद नहीं है। कई जगह गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आकाशीय बिजली का दौर देखने को मिल सकता है।
टिहरी डैम का जलस्तर चेतावनी निशान से ऊपर
लगातार बारिश का असर उत्तराखंड के जलाशयों और नदियों के जलस्तर पर भी दिखाई दे रहा है। टिहरी बांध का जलस्तर 815.06 मीटर पहुंच गया है, जो निर्धारित 815 मीटर के चेतावनी स्तर से 6 सेंटीमीटर ऊपर है। हालांकि, बांध का खतरे का स्तर 830 मीटर निर्धारित है, इसलिए फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है। देवप्रयाग में भी गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है। यहां नदी का जलस्तर 889.20 मीटर दर्ज किया गया है, जो 889 मीटर के चेतावनी स्तर से 20 सेंटीमीटर ऊपर है।
लैंडस्लाइड से 105 सड़कें बंद
बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क पर मलबा आने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। राज्य में लैंडस्लाइड के कारण अभी भी 105 सड़कें बंद हैं। पिथौरागढ़ समेत कई पर्वतीय जिलों में सड़क मार्ग प्रभावित हुए हैं। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्रों में आने-जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मानसून सीजन में प्राकृतिक आपदाओं से अब तक 27 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है।
देहरादून में भी बारिश और आकाशीय बिजली का खतरा
राजधानी देहरादून में आज आसमान में बादल छाए रहने और बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना है। कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली भी चमक सकती है। लगातार बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों में अचानक पानी बढ़ने का खतरा रहेगा। वहीं संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड की आशंका को देखते हुए भी सावधानी बरतने की जरूरत है। देहरादून में आज अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
चमोली टनल हादसे से बढ़ी चिंता
एक दिन पहले शुक्रवार को भी उत्तराखंड में मौसम का मिजाज खराब रहा। चमोली के पीपलकोटी में तेज बारिश के दौरान निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी और मलबा भर गया था। हादसे के समय टनल के अंदर 22 मजदूरों के फंसे होने की जानकारी सामने आई। बताई गई जानकारी के अनुसार 12 मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया, जबकि 7 की मौत हो गई और 3 मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में बोल्डर गिरने और भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आईं। पिथौरागढ़ के मुनस्यारी में मलबा और बोल्डर गिरने से जनजीवन प्रभावित हुआ। वहीं गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी की चलती कार पर पहाड़ से बोल्डर गिरने की घटना में वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।
16 अगस्त को कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 16 अगस्त को देहरादून, चंपावत, बागेश्वर, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश के दौर आने की संभावना है। इसके अलावा उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
17 अगस्त को भी जारी रहेगा बारिश का दौर
17 अगस्त को भी प्रदेश में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। देहरादून, पौड़ी और टिहरी में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ समेत कई जिलों में भी भारी बारिश के आसार हैं। पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़क पर मलबा आने की स्थिति बन सकती है।
18 अगस्त को इन जिलों में बारिश की संभावना
18 अगस्त को भी उत्तराखंड में मानसून का प्रभाव बना रहेगा। देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी और रुद्रप्रयाग में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। राज्य के बाकी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज बौछारें पड़ सकती हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान चट्टान गिरने और सड़क मार्ग बाधित होने का खतरा बना रह सकता है।
यात्रियों के लिए जरूरी सावधानी
उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में लगातार बारिश के बीच सड़क मार्गों पर मलबा और बोल्डर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में यात्रियों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी जाती है। नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से भी बचना जरूरी है।