80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी, ‘वोकल फॉर लोकल’, सेमीकंडक्टर, गरीबी उन्मूलन और विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत अब छोटे सपनों से चलने वाला देश नहीं है और 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प हर भारतीय का होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि आज देश में ‘हर घर तिरंगा, हर मन तिरंगा’ का उत्साह दिखाई दे रहा है। 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले पर आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ और 21 तोपों की सलामी दी गई। इस वर्ष समारोह में पहली बार लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम्’ को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया। इससे पहले प्रधानमंत्री ने राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
‘हर घर तिरंगा, हर मन तिरंगा’ का संदेश
अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने देश के स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि देश उन महान वीरों को हमेशा याद रखेगा, जिन्होंने आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी केवल एक तारीख नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के संघर्ष, त्याग और संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आज देश में एक नया उत्साह दिखाई दे रहा है। ‘हर घर तिरंगा, हर मन तिरंगा’ की भावना के साथ भारत नई ऊर्जा और नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहा है।
‘भारत अब छोटे सपनों से चलने वाला नहीं’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोई भी देश तभी महान बनता है, जब वह अपने बड़े सपनों को पूरा करने का सामर्थ्य और संकल्प रखता है। उन्होंने कहा कि भारत अब छोटे सपनों से चलने वाला देश नहीं है। बड़े सपने हमारी सोच का विस्तार करते हैं और बड़े लक्ष्य देश की क्षमता को नई दिशा देते हैं। उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि जब दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश विकसित भारत बनने का संकल्प लेता है, तो दुनिया का भारत को देखने का नजरिया भी बदलता है।
‘वोकल फॉर लोकल’ अब हर भारतीय की सोच
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में मेक इन इंडिया, स्वदेशी और वोकल फॉर लोकल पर खास जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन अभियानों से आज हर भारतीय का मन जुड़ रहा है। भारत को अपनी जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी क्षमताओं को मजबूत करना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में कई चीजें सस्ती मिल सकती हैं, लेकिन केवल सस्ता सामान खरीदने से देश की सामर्थ्य तैयार नहीं होती। भारत को अपने उद्योग, तकनीक, उत्पादन और कौशल को मजबूत करना होगा, ताकि देश अपने हितों की सुरक्षा खुद कर सके।
सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भरता पर PM का जोर
प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर को आधुनिक अर्थव्यवस्था और तकनीक की बुनियाद बताते हुए कहा कि चिप के बिना आज की दुनिया की कल्पना करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि आज भारत ने सेमीकंडक्टर निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पीएम ने बताया कि देश में तीन सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हो चुके हैं और वहां से निर्यात भी शुरू हो गया है। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि आने वाले समय में भारत को तकनीक के क्षेत्र में अपनी क्षमता और बढ़ानी होगी।
12 साल की उपलब्धियों का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने सरकार के पिछले वर्षों के कामकाज और अलग-अलग क्षेत्रों में हुई प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में डिफेंस प्रोडक्शन चार गुना, खादी और ग्रामोद्योग पांच गुना और इलेक्ट्रिक मैन्युफैक्चरिंग सात गुना बढ़ी है। उन्होंने रेलवे कोच निर्माण में 21 गुना और मोबाइल फोन उत्पादन में 33 गुना बढ़ोतरी का दावा किया। पीएम ने डिजिटल क्षेत्र में भी भारत की तेजी का उल्लेख करते हुए कहा कि इंटरनेट यूजर्स की संख्या चार गुना और डिजिटल ट्रांजैक्शन 100 गुना बढ़े हैं।
गरीबों तक योजनाओं की पहुंच का उल्लेख
पीएम मोदी ने गरीबों के लिए किए गए कामों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में गरीब परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने की रफ्तार कई गुना बढ़ी है। उन्होंने नल से जल कनेक्शन, गैस कनेक्शन और गरीबों के लिए घरों के निर्माण का उदाहरण दिया।प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 12 वर्षों में 25 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर निकले हैं। उन्होंने इसे भारत की विकास यात्रा की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि देश अब तेज गति से आगे बढ़ रहा है और 140 करोड़ भारतीयों के संकल्प को रोकना मुश्किल है।
2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक विकसित राष्ट्र बनने का सपना देखा है। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प है।
उन्होंने युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है। युवा इनोवेशन, टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप और नए विचारों के जरिए भारत को दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी युवा शक्ति और विकसित भारत 2047 में युवाओं के योगदान को विशेष महत्व दिया गया।
लाल किले पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए लाल किले और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। समारोह में करीब 5,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया। वहीं बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए और सीसीटीवी कैमरों से पूरे क्षेत्र की निगरानी की गई। इस बार समारोह में युवाओं, स्टार्टअप से जुड़े लोगों, युवा इनोवेटर्स, पीएम इंटर्नशिप योजना के इंटर्न, कौशल विकास योजनाओं से प्रशिक्षित युवाओं और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाले छात्रों को विशेष अतिथि के तौर पर शामिल किया गया।
PM मोदी का संदेश—अपनी क्षमता पर भरोसा करे भारत
प्रधानमंत्री मोदी के पूरे संबोधन का प्रमुख संदेश आत्मनिर्भरता और बड़े राष्ट्रीय लक्ष्यों के इर्द-गिर्द रहा। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी क्षमताओं पर भरोसा करते हुए तकनीक, उत्पादन, रक्षा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और उद्योग के क्षेत्र में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने देशवासियों से विकसित भारत के निर्माण में भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि जब 140 करोड़ भारतीय एक संकल्प के साथ आगे बढ़ते हैं, तो दुनिया की कोई ताकत भारत की प्रगति को रोक नहीं सकती।