मध्य प्रदेश में 80वें स्वतंत्रता दिवस का पर्व शनिवार को पूरे उत्साह और राष्ट्रीय गौरव के साथ मनाया गया। राजधानी भोपाल से लेकर प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों तक आयोजित समारोहों में तिरंगा शान से फहराया गया। कहीं मुख्यमंत्री ने तो कहीं मंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्रियों और कलेक्टरों ने ध्वजारोहण कर देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले वीरों को नमन किया। स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों में पुलिस और सुरक्षा बलों की परेड, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहे। कई स्थानों पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया।
भोपाल में मुख्यमंत्री ने संभाली कमान
राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में प्रदेश का मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और तिरंगे को सलामी दी। इसके बाद उन्होंने संयुक्त परेड का निरीक्षण किया। परेड में पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने अनुशासन और समर्पण का प्रदर्शन किया। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों व शहीदों के योगदान को याद किया।
इंदौर में तुलसी सिलावट ने फहराया तिरंगा
इंदौर में RAPTC परिसर में कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट ने ध्वजारोहण किया। उन्होंने परेड का निरीक्षण करने के साथ जवानों की सलामी भी ली। कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर, कलेक्टर समेत प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इंदौर नगर निगम में भी स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने तिरंगा फहराया। इस दौरान निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों ने राष्ट्रीय पर्व में हिस्सा लिया और बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
जबलपुर में राकेश सिंह ने ली जवानों की सलामी
जबलपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद उन्होंने संयुक्त परेड का निरीक्षण किया और जवानों की सलामी ली। अपने संबोधन में उन्होंने स्वतंत्रता दिवस को देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों को याद करने का अवसर बताया और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
ग्वालियर में नरेंद्र सिंह तोमर ने किया ध्वजारोहण
ग्वालियर के कम्पू स्थित एसएएफ मैदान में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। समारोह में संयुक्त परेड आयोजित की गई, जिसकी उन्होंने सलामी ली। कार्यक्रम में सांस्कृतिक और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम भी हुए। बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे और स्थानीय लोग समारोह में पहुंचे, जिससे पूरे मैदान में उत्सव और देशभक्ति का माहौल नजर आया।
इन जिलों में भी जनप्रतिनिधियों ने फहराया तिरंगा
आलीराजपुर में कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान ने जिला मुख्यालय पर ध्वजारोहण किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करने के साथ परेड की सलामी ली। समारोह के दौरान शांति और एकता के प्रतीक गुब्बारे भी छोड़े गए। नरसिंहपुर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने परेड ग्राउंड में तिरंगा फहराया। यहां सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई और राष्ट्रीय गान हुआ। मंदसौर में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कॉलेज ग्राउंड पर आयोजित जिला स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण किया। उन्होंने परेड का निरीक्षण कर जवानों की सलामी ली। कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी और आम नागरिक मौजूद रहे। खंडवा के पुलिस परेड ग्राउंड में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने तिरंगा फहराया। समारोह में प्रभारी कलेक्टर डॉ. नागार्जुन गौड़ा, पुलिस अधीक्षक अगम जैन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। यहां परेड के साथ विभिन्न देशभक्ति कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
जहां मंत्री नहीं पहुंचे, वहां कलेक्टरों ने संभाली जिम्मेदारी
प्रदेश के जिन जिलों में स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण के लिए मंत्री या निर्धारित जनप्रतिनिधि नहीं थे, वहां संबंधित जिला कलेक्टरों ने यह जिम्मेदारी निभाई। जिला मुख्यालयों पर आयोजित कार्यक्रमों में परेड, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और देशभक्ति कार्यक्रमों के साथ मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन किया गया। सरकारी कर्मचारियों और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम करने वालों को कई स्थानों पर सम्मानित भी किया गया।
हर जिले में दिखा तिरंगे के प्रति सम्मान
मध्य प्रदेश के शहरों के साथ ग्रामीण इलाकों में भी स्वतंत्रता दिवस को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। स्कूलों, सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा फहराया गया। प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों का मुख्य संदेश देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को याद करना तथा राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और एकता की भावना को मजबूत करना रहा।