नई दिल्ली: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। करीब डेढ़ घंटे के संबोधन में उन्होंने विकसित भारत @2047, आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीक, विनिर्माण और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई बड़े लक्ष्य सामने रखे। भाषण में नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की कार्रवाई से लेकर 'शक्ति की सप्तधारा' तक का रोडमैप प्रमुखता से सामने आया।
विकसित भारत @2047 का संकल्प
प्रधानमंत्री ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को फिर दोहराया। उन्होंने कहा कि देश की 140 करोड़ आबादी के सामूहिक प्रयास, संकल्प और मेहनत से इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। मोदी ने विकास के साथ आत्मनिर्भरता को भी इस यात्रा का अहम आधार बताया।
नक्सलवाद पर पीएम मोदी का बड़ा दावा
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने नक्सल-माओवादी हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि इस हिंसा ने बड़ी संख्या में युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया और 3,500 से अधिक पुलिसकर्मियों एवं सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान गंवाई। उन्होंने दावा किया कि हथियारबंद नक्सलवाद अब कमजोर पड़ चुका है और देश इसके पूर्ण खात्मे की दिशा में आगे बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने वैचारिक स्तर पर भी सतर्क रहने की बात कही।
'शक्ति की सप्तधारा' से विकास का नया रोडमैप
पीएम मोदी ने देश की ऊर्जा और आर्थिक ताकत को मजबूत करने के लिए 'शक्ति की सप्तधारा' की बात रखी। इस विजन में भारत की निर्माण क्षमता, कृषि एवं खाद्य उत्पादन, तकनीक और इनोवेशन, बुनियादी ढांचे व गति शक्ति, रक्षा क्षमता, ग्रीन-ब्लू इकॉनमी और भारत की सॉफ्ट पावर जैसे क्षेत्रों को व्यापक विकास की दिशा से जोड़ा गया।
एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग
युवाओं को भविष्य की तकनीक से जोड़ने पर प्रधानमंत्री ने विशेष जोर दिया। उन्होंने अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का प्रशिक्षण देने की घोषणा की। इसके अलावा गरीब और मध्यम वर्ग के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था की बात भी कही।
'मेक इन इंडिया' और आत्मनिर्भरता पर जोर
पीएम मोदी ने देश में बने उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने और स्थानीय उद्योग को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने 'मेक इन इंडिया' और 'वोकल फॉर लोकल' को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को पेट्रोल, खाद और दवाइयों से लेकर चिप्स जैसी महत्वपूर्ण जरूरतों के लिए बाहरी निर्भरता कम करनी होगी।
उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी का जिक्र
प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में हुए उत्पादन विस्तार को भी गिनाया। उनके मुताबिक रक्षा उत्पादन करीब चार गुना, खादी और ग्रामीण उद्योग का उत्पादन करीब पांच गुना तथा इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन करीब सात गुना बढ़ा है। आधुनिक रेल कोच उत्पादन में करीब 21 गुना और मोबाइल फोन उत्पादन में लगभग 33 गुना वृद्धि का भी उन्होंने उल्लेख किया।
सेमीकंडक्टर से परमाणु ऊर्जा तक बड़ा लक्ष्य
तकनीकी और ऊर्जा क्षेत्र में भारत को मजबूत बनाने के लिए पीएम मोदी ने अगले 7-8 वर्षों में देश में 5 से 8 नए सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित होने की उम्मीद जताई। वहीं 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य भी सामने रखा। हाइड्रोजन ट्रेन, रेलवे विद्युतीकरण और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को भी उन्होंने विकसित भारत की यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
वैश्विक बाजार में भारतीय उद्योग की बड़ी भूमिका
प्रधानमंत्री ने भारत के बढ़ते वैश्विक व्यापार का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि करीब 40 देशों के साथ भारत मुक्त व्यापार समझौते कर चुका है या इस दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। उन्होंने MSME समेत भारतीय उद्योगों से इन अवसरों का फायदा उठाकर दुनिया के बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का आह्वान किया।
गरीबी कम होने और अर्थव्यवस्था की रफ्तार का दावा
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 12 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। उन्होंने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल बताते हुए विकास की रफ्तार को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अहम उपलब्धि के तौर पर पेश किया।
पहली बार लाल किले पर गूंजा 'वंदे मातरम्'
स्वतंत्रता दिवस समारोह में इस बार 'वंदे मातरम्' को भी विशेष महत्व मिला। पीएम मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के मुख्य कार्यक्रम में लाल किले पर पहली बार 'वंदे मातरम्' की प्रस्तुति हुई। इस वर्ष 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने का संदर्भ भी उनके संबोधन में आया।
बाढ़ और भूस्खलन पीड़ितों के प्रति संवेदना
प्रधानमंत्री ने देश के अलग-अलग हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मुश्किल की इस घड़ी में सरकार और पूरा देश प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है।
कुल मिलाकर पीएम मोदी का 80वें स्वतंत्रता दिवस का संबोधन विकसित भारत @2047, आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, AI, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा क्षमता और नक्सलवाद के खात्मे जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द रहा। 'शक्ति की सप्तधारा' के जरिए उन्होंने आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक, तकनीकी, सुरक्षा और वैश्विक ताकत को एक साथ आगे बढ़ाने का रोडमैप पेश किया।