भोपाल: मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। उत्तर प्रदेश से होकर गुजर रही मानसूनी द्रोणिका और बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले तीन दिनों तक पूर्वी मध्यप्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है।
शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में जोरदार बारिश हुई। शाम साढ़े पांच बजे तक दतिया में सबसे ज्यादा 62 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं सतना और आगर-मालवा में 15-15 मिमी, शहडोल में 14 मिमी और टीकमगढ़ में 12 मिमी बारिश हुई। राजधानी भोपाल में भी दोपहर के समय तेज बौछारें पड़ीं।
बंगाल की खाड़ी का डिप्रेशन अब छत्तीसगढ़ पहुंचेगा
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन अब झारखंड पहुंच चुका है। शनिवार सुबह तक इसके छत्तीसगढ़ पहुंचने की संभावना है। छत्तीसगढ़ पहुंचने के बाद यह सिस्टम कमजोर होकर लो प्रेशर एरिया में बदल सकता है।इसके प्रभाव से मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्सों में अगले तीन दिनों तक बारिश की गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है।
नर्मदापुरम, उमरिया और छतरपुर में अति भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने शनिवार के लिए नर्मदापुरम, उमरिया और छतरपुर जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।वहीं प्रदेश के बाकी जिलों को येलो अलर्ट पर रखा गया है। ऐसे में कई इलाकों में तेज बारिश के साथ जलभराव की स्थिति बन सकती है।
रीवा और छतरपुर में भी जोरदार बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को निवाड़ी, रीवा और छतरपुर में जोरदार बारिश होने की संभावना है। खासतौर पर पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में अगले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां तेज रह सकती हैं।पश्चिमी मध्यप्रदेश में भी बारिश का दौर पूरी तरह थमने वाला नहीं है। उत्तर-पश्चिम मध्यप्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से पश्चिमी इलाकों में भी रुक-रुककर बौछारें पड़ने का अनुमान है।
शुक्रवार को इन जिलों में हुई अच्छी बारिश
शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार शाम साढ़े पांच बजे तक—
दतिया — 62 मिमी
सतना — 15 मिमी
आगर-मालवा — 15 मिमी
शहडोल — 14 मिमी
टीकमगढ़ — 12 मिमी
अगले तीन दिन संभलकर रहने की जरूरत
मौसम सिस्टम के सक्रिय रहने के कारण प्रदेश में अगले तीन दिनों तक कई जगह भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। नदी-नालों और निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।खासकर ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में प्रशासन और आम लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।