भोपाल: मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में शुक्रवार को बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहने के कारण कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है।अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 12 जिलों में 4 इंच या उससे ज्यादा बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं, भोपाल समेत प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है।
12 जिलों में 4 इंच से ज्यादा बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने प्रदेश के 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या इससे अधिक बारिश हो सकती है।भारी बारिश की संभावना वाले जिलों में सागर, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं।इन इलाकों में तेज बारिश के कारण निचले क्षेत्रों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की स्थिति बन सकती है।
जबलपुर-रीवा और शहडोल संभाग में स्ट्रॉन्ग सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से में मानसून का सिस्टम मजबूत स्थिति में है। खास तौर पर जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में शुक्रवार को भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है।पूर्वी मध्यप्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण स्थानीय प्रशासन और लोगों को निचले इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
इन जिलों में भी बारिश का दौर रहेगा जारी
भारी बारिश वाले 12 जिलों के अलावा प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल और हरदा में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
इसके अलावा ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मैहर, उमरिया, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश की संभावना जताई गई है।
बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम बना बारिश की वजह
बंगाल की खाड़ी में 12 अगस्त की सुबह निम्न दबाव का क्षेत्र यानी लो प्रेशर एरिया सक्रिय हुआ था। इसके बाद 13 अगस्त की सुबह यह सिस्टम डिप्रेशन में बदल गया।यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए पश्चिम बंगाल और झारखंड की ओर बढ़ रहा है। इसी मौसम प्रणाली के प्रभाव से मध्यप्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेज हुई हैं।
अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है तेज बारिश का दौर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस सिस्टम के असर से मानसून ट्रफ के सक्रिय रहने की संभावना है। इसके चलते मध्यप्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।खासकर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश के चलते नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने और कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका भी बनी हुई है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बीच सतर्क रहने की जरूरत
बारिश के इस दौर में भारी बारिश की संभावना वाले जिलों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव की स्थिति पर नजर रखने और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की जरूरत है।मानसून सिस्टम के सक्रिय रहने के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में भी बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।