ग्वालियर। मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर को लेकर चल रही कार्रवाई के बीच ग्वालियर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को खाद्य सुरक्षा टीम ने शहर की अलग-अलग डेयरियों और प्रतिष्ठानों से कुल 302 किलो संदिग्ध पनीर जब्त किया। अधिकारियों को आशंका है कि यह पनीर एनालॉग यानी गैर-डेयरी सामग्री से बना हो सकता है। फिलहाल पनीर के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी वास्तविक गुणवत्ता और प्रकृति स्पष्ट होगी। त्योहारों के सीजन से पहले हुई इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि रक्षाबंधन सहित अन्य त्योहारों के आसपास दूध, मावा और पनीर की मांग तेजी से बढ़ जाती है। इसी दौरान मिलावट की शिकायतें भी सामने आती हैं।
छह डेयरियों से जब्त किया गया पनीर
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर की छह अलग-अलग डेयरियों पर निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संदिग्ध पनीर के सैंपल लेने के साथ ही बड़ी मात्रा में पनीर को मौके पर जब्त कर लिया।
कार्रवाई के दौरान:
- जय मां दुर्गा डेयरी, पिंटो पार्क से 100 किलो पनीर जब्त किया गया।
- रौनक दूध डेयरी, पिंटो पार्क से 40 किलो पनीर जब्त हुआ।
- न्यू पंजाब डेयरी, दही मंडी से 40 किलो पनीर जब्त किया गया।
- प्रिंस डेयरी, दही मंडी से 12 किलो पनीर जब्त किया गया।
- धर्मेंद्र डेयरी, गुढ़ा-गुड़ी नाका, लश्कर से 40 किलो पनीर जब्त हुआ।
- महावीर डेयरी, दही मंडी से 70 किलो पनीर जब्त किया गया।
- इन सभी स्थानों से पनीर के नमूने भी लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है।
पहली बार सिर्फ सैंपल नहीं, पनीर भी किया जब्त
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में इस बार खास बात यह रही कि संदिग्ध पनीर का केवल सैंपल लेकर उसे छोड़ नहीं दिया गया, बल्कि बड़ी मात्रा में पनीर को नियमानुसार जब्त किया गया। अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती स्तर पर पनीर के एनालॉग होने की आशंका है। हालांकि, बिना प्रयोगशाला जांच के इसे नकली या सिंथेटिक पनीर घोषित नहीं किया जा सकता। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
भोपाल के बाद ग्वालियर में भी कार्रवाई तेज
प्रदेश में एनालॉग पनीर को लेकर पहले भोपाल में कार्रवाई हो चुकी है। कुछ सैंपलों के जांच में फेल होने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से प्रदेश के अन्य शहरों में भी जांच और कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अब ग्वालियर में भी डेयरियों की जांच तेज हुई है। बड़ी मात्रा में पनीर जब्त होने के बाद शहर में एनालॉग पनीर की सप्लाई और कारोबार से जुड़े नेटवर्क की जांच भी आगे बढ़ सकती है।
क्या होता है एनालॉग पनीर?
एनालॉग पनीर पारंपरिक पनीर से अलग होता है। इसे बनाने में दूध के बजाय या दूध के घटकों के साथ गैर-डेयरी सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें वनस्पति वसा, स्टार्च, मिल्क पाउडर और अन्य सामग्री का इस्तेमाल किए जाने की संभावना रहती है। यह देखने में सामान्य पनीर जैसा लग सकता है, इसलिए आम उपभोक्ता के लिए केवल देखकर असली और एनालॉग पनीर में अंतर करना मुश्किल हो सकता है। हालांकि, किसी खास उत्पाद को असुरक्षित या मिलावटी बताने के लिए संबंधित खाद्य सुरक्षा मानकों और प्रयोगशाला जांच के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।
त्योहारों के मौसम में बढ़ जाती है पनीर की मांग
त्योहारों के आसपास मिठाई, दूध, मावा और पनीर की खपत बढ़ जाती है। मांग बढ़ने के साथ खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। यही वजह है कि खाद्य सुरक्षा विभाग इस दौरान डेयरियों, मिठाई दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच करता है। ग्वालियर में हुई ताजा कार्रवाई के बाद उपभोक्ताओं को भी पनीर खरीदते समय सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी स्थिति साफ
खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा जब्त किए गए 302 किलो पनीर के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट में यदि खाद्य मानकों का उल्लंघन या मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल अधिकारियों ने पनीर को संदिग्ध एनालॉग पनीर मानते हुए कार्रवाई की है और अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।