जयपुर: राजस्थान में समान नागरिक संहिता यानी UCC लागू करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने UCC और ट्री राजस्थान प्रोटेक्शन एक्ट को मंजूरी दे दी है। दोनों विधेयक 20 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में पेश किए जाएंगे। UCC के लागू होने पर विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े नियमों में बदलाव देखने को मिलेगा।
विवाह और तलाक के रजिस्ट्रेशन के लिए तय होगी समयसीमा
प्रस्तावित UCC में विवाह का पंजीकरण 60 दिनों के भीतर कराना अनिवार्य किया गया है। इसी तरह विवाह या तलाक का रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर जुर्माने का प्रावधान रखा गया है। नियमों के मुताबिक ऐसे मामलों में 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य विवाह और तलाक से जुड़े रिकॉर्ड को व्यवस्थित और आधिकारिक रूप से दर्ज करना बताया जा रहा है।
बहुविवाह पर रोक, बेटे-बेटी को बराबर संपत्ति अधिकार
UCC के प्रस्तावित प्रावधानों में बहुविवाह पर रोक लगाने की बात कही गई है। वहीं पति या पत्नी की मृत्यु अथवा विवाह समाप्त होने के बाद दोबारा शादी करने की अनुमति रहेगी। उत्तराधिकार के मामले में बेटे और बेटी को समान अधिकार देने का प्रावधान प्रस्तावित है। इसके अलावा पोते को भी संपत्ति में अधिकार मिलने की व्यवस्था बताई गई है। हालांकि आदिवासी और जनजातीय क्षेत्रों की पारंपरिक सामाजिक व्यवस्थाओं और रीति-रिवाजों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।
लिव-इन रिलेशनशिप की जानकारी देना होगा जरूरी
प्रस्तावित कानून में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी नियम तय किए गए हैं। लिव-इन संबंध शुरू करने और समाप्त करने की जानकारी देना अनिवार्य होगा। इस व्यवस्था के जरिए ऐसे संबंधों का आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार करने की कोशिश की जाएगी। हालांकि इसके विस्तृत प्रावधान विधानसभा में विधेयक पेश होने और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होंगे।
पेड़ों की कटाई पर सख्ती, 29 प्रजातियां होंगी संरक्षित
कैबिनेट ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े ट्री राजस्थान प्रोटेक्शन एक्ट को भी मंजूरी दी है। प्रस्तावित कानून के तहत खेजड़ी और रोहिड़ा समेत 29 तरह के पेड़ों को काटने पर प्रतिबंध रहेगा। विशेष परिस्थितियों में पेड़ काटने के लिए सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति पेड़ काटने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना और एक साल तक की सजा का प्रावधान रखा गया है। खास बात यह है कि कानून निजी जमीन पर भी लागू होगा।
पेड़ काटने पर ज्यादा पौधे लगाने की जिम्मेदारी
यदि किसी जरूरी वजह से अनुमति लेकर पेड़ काटा जाता है तो उसकी भरपाई के लिए नए पौधे लगाने और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। प्रस्तावित व्यवस्था में काटे गए पेड़ों की संख्या के मुकाबले 10 फीसदी अधिक पेड़ लगाने का प्रावधान बताया गया है। इसका उद्देश्य राज्य में पेड़ों के संरक्षण के साथ-साथ हरित क्षेत्र को बनाए रखना है। सरकार ने इसे पर्यावरण से जुड़े अहम फैसलों में शामिल किया है।
सरकारी कर्मचारियों को प्रमोशन में मिलेगी राहत
कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रमोशन से जुड़े नियमों में भी राहत को मंजूरी दी है। आवश्यक सेवा में दो साल की छूट देने का प्रावधान किया गया है। बजट में इस संबंध में घोषणा पहले ही की जा चुकी थी, लेकिन कैबिनेट की मंजूरी नहीं मिलने के कारण नोटिफिकेशन जारी नहीं हो पाया था। अब मंजूरी के बाद इसका लाभ पात्र कर्मचारियों को मिल सकेगा।
35 शहीद परिवारों के लिए भी अहम फैसला
कैबिनेट ने उन 35 शहीद सैनिकों के परिवारों को नियुक्ति देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है, जिन्हें अब तक अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिल सकी थी। इनमें आजादी के बाद से 31 अक्टूबर 1972 तक शहीद हुए सैनिकों के परिवार शामिल हैं। अब इन फैसलों को विधानसभा के आगामी सत्र में आगे बढ़ाया जाएगा। UCC और ट्री राजस्थान प्रोटेक्शन एक्ट पर सदन में चर्चा और विधायी प्रक्रिया के बाद ही इनके अंतिम स्वरूप पर फैसला होगा।