लखनऊ: उत्तरप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। शुक्रवार तड़के से ही राजधानी लखनऊ, बाराबंकी, बरेली और संभल समेत करीब 10 शहरों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आसमान बादलों से ढका हुआ है। मौसम विभाग ने आज सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि 15 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
बारिश के साथ पहाड़ी क्षेत्रों से आ रहे पानी के कारण यूपी की कई प्रमुख नदियां भी उफान पर हैं। गंगा, यमुना और शारदा समेत करीब 10 नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। प्रदेश के 16 जिलों के 80 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं। उन्नाव में गंगा का पानी घरों तक पहुंच गया है और लोग छतों पर रहने को मजबूर हैं।
10 शहरों में सुबह से रुक-रुककर बारिश
शुक्रवार सुबह से लखनऊ, बाराबंकी, बरेली और संभल समेत करीब 10 शहरों में बारिश का दौर जारी है। कहीं रिमझिम तो कहीं तेज बारिश हो रही है।वहीं, प्रदेश के बाकी जिलों में भी बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें से 15 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
16 जिलों में 80 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में
पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश का असर अब उत्तरप्रदेश की नदियों पर भी दिखाई दे रहा है। गंगा, यमुना और शारदा समेत करीब 10 नदियां उफान पर हैं।नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रदेश के 16 जिलों के 80 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं। फर्रुखाबाद में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर है, जहां करीब 49 गांवों में बाढ़ का असर बताया गया है।
उन्नाव में घरों में घुसा गंगा का पानी
उन्नाव में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है। कई घरों में पानी घुसने के बाद लोग छतों पर रहने को मजबूर हैं।बाढ़ प्रभावित इलाकों की गलियों में नावों की मदद से आवागमन किया जा रहा है। पानी बढ़ने के कारण स्थानीय लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कानपुर में चेतावनी बिंदु के करीब गंगा
कानपुर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और नदी चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गई है। पांच से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है।बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने के कारण बच्चों को नाव के जरिए स्कूल जाना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
वाराणसी में घाटों तक पहुंचा गंगा का पानी
वाराणसी में भी गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों पर असर पड़ा है। पानी घाटों की सीढ़ियों तक पहुंच गया है। कई छोटे मंदिर भी पानी में डूब गए हैं।जानकारी के मुताबिक 100 से अधिक छोटे मंदिर जलमग्न हो चुके हैं।
बिजनौर में गांव तक पहुंचा मगरमच्छ
बाढ़ और बढ़ते जलस्तर के बीच बिजनौर में एक मगरमच्छ के गांव तक पहुंचने की घटना ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पानी बढ़ने के कारण जलीय जीवों के आबादी वाले इलाकों की ओर आने का खतरा भी बढ़ गया है।स्थानीय लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
जौनपुर में सड़कें बनीं तालाब
इससे पहले गुरुवार को भी उत्तरप्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई। गोरखपुर और आजमगढ़ समेत करीब 15 जिलों में बारिश दर्ज की गई।जौनपुर में बारिश के बाद कई सड़कें जलमग्न हो गईं और सड़कों पर तालाब जैसी स्थिति बन गई। गोरखपुर में भी कई इलाकों में करीब एक फीट तक पानी भरने की जानकारी सामने आई।
प्रयागराज में देर रात हुई तेज बारिश
प्रयागराज में गुरुवार देर रात करीब 11 बजे तेज बारिश हुई। अचानक हुई बारिश से शहर के कई हिस्सों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।मानसून के फिर सक्रिय होने के कारण आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना है।
नदियों के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी चिंता
यूपी में बारिश के साथ-साथ नदियों का जलस्तर बढ़ना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है। कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचने से ग्रामीण इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।उन्नाव, फर्रुखाबाद, कानपुर और वाराणसी समेत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।