नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर शुक्रवार को भारतीय वायदा बाजार में कीमती धातुओं पर देखने को मिला। सोने और चांदी की कीमतों में 1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट की ओर से ईरान के खिलाफ कड़े आर्थिक कदम उठाए जाने की चेतावनी के बाद निवेशकों में सतर्कता बढ़ी, जिसका असर बुलियन मार्केट पर पड़ा।
MCX पर सोना 1,543 रुपये तक फिसला
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना अपने पिछले बंद भाव 1,53,466 रुपये प्रति 10 ग्राम से गिरकर कारोबार के दौरान 1,51,923 रुपये के इंट्रा-डे निचले स्तर तक पहुंच गया। इस तरह सोने में निचले स्तर पर 1,543 रुपये यानी करीब 1 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। हालांकि बाद में कीमतों में कुछ सुधार हुआ और खबर लिखे जाने तक अक्टूबर वायदा सोना 0.64 प्रतिशत यानी 866 रुपये की गिरावट के साथ 1,52,480 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। कारोबार के दौरान सोने ने 1,53,200 रुपये प्रति 10 ग्राम का इंट्रा-डे उच्च स्तर भी छुआ, लेकिन ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव बना रहा।
चांदी में भी आई बड़ी गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी वायदा में भी कमजोरी देखने को मिली। सितंबर डिलीवरी वाली चांदी कारोबार के दौरान 3,897 रुपये यानी 1.65 प्रतिशत गिरकर 2,31,550 रुपये प्रति किलोग्राम के निचले स्तर तक पहुंच गई। हालांकि बाद में चांदी में भी कुछ रिकवरी हुई। खबर लिखे जाने तक सितंबर वायदा चांदी 0.83 प्रतिशत यानी 1,951 रुपये की गिरावट के साथ कारोबार करती नजर आई। सत्र के दौरान चांदी ने 2,33,982 रुपये प्रति किलोग्राम का इंट्रा-डे उच्च स्तर भी छुआ, लेकिन बाजार में बिकवाली का दबाव कायम रहा।
ईरान को लेकर अमेरिका के रुख का बाजार पर असर
कीमती धातुओं में गिरावट ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने की खबरें वैश्विक बाजारों के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट की ओर से ईरान के खिलाफ कड़े आर्थिक कदम और आर्थिक अलगाव जैसी रणनीतियों के संकेत दिए गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर संभावित रणनीतियों की खबरों ने भी वैश्विक वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ाई है। भू-राजनीतिक तनाव आम तौर पर सोने को सुरक्षित निवेश के तौर पर समर्थन दे सकता है, लेकिन इस समय डॉलर, जोखिम लेने की क्षमता और बाजार की उम्मीदों में बदलाव के कारण कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिल रहा है।
तकनीकी संकेतक क्या बता रहे हैं?
तकनीकी स्तर पर सोना अभी भी अपने प्रमुख एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के ऊपर कारोबार कर रहा है। हालांकि MACD संकेतक तेजी की रफ्तार कमजोर पड़ने की ओर इशारा कर रहा है। वहीं RSI भी ओवरबॉट जोन से नीचे आया है। इससे संकेत मिलता है कि निकट अवधि में सोने की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।
चांदी के लिए 2.32 लाख रुपये का स्तर अहम
बाजार विशेषज्ञों की नजर चांदी के लिए 2,32,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बनी हुई है। यदि चांदी इस स्तर से नीचे टिकती है तो इसमें आगे भी कमजोरी देखने को मिल सकती है। आने वाले कारोबारी सत्रों में अमेरिका-ईरान तनाव, डॉलर की दिशा, वैश्विक आर्थिक आंकड़े और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता सोने-चांदी की कीमतों के लिए महत्वपूर्ण कारक रहेंगे।