नई दिल्ली- स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ से जुड़े विवाद में दिव्यांग व्यक्तियों को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में अदालत ने समय रैना समेत पांच लोगों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर रद्द कर दी हैं। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि रैना अब संबंधित एनजीओ के संपर्क में हैं और एसएमए से प्रभावित लोगों की उपलब्धियों को बढ़ावा देने के लिए तैयार हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने खत्म की आपराधिक कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में समय रैना और चार अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया। यह मामला ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ कार्यक्रम में दिव्यांग लोगों को लेकर की गई टिप्पणियों से जुड़ा था। अदालत के फैसले से इस मामले में आरोपियों के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्रवाई पर रोक लग गई है।
एनजीओ ने अदालत को दी अहम जानकारी
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता एनजीओ की ओर से अदालत को बताया गया कि समय रैना अब उनके संपर्क में हैं। रैना ने स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी यानी SMA से प्रभावित लोगों की उपलब्धियों और उनकी प्रेरणादायक कहानियों को बढ़ावा देने की इच्छा जताई है। इसी जानकारी के बाद अदालत ने एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया।
SMA से प्रभावित लोगों के लिए भी सुनवाई जारी
सुप्रीम कोर्ट ने केवल एफआईआर के मुद्दे पर ही आदेश नहीं दिया, बल्कि SMA से प्रभावित लोगों की सहायता से जुड़े व्यापक मुद्दे पर सुनवाई जारी रखने की बात कही। अदालत सरकार को इस बीमारी से प्रभावित लोगों की मदद के लिए जरूरी कदम उठाने से संबंधित निर्देशों पर आगे सुनवाई करेगी।
विवादित शो से जुड़ा था मामला
यह पूरा विवाद समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के एक एपिसोड में की गई टिप्पणियों के बाद सामने आया था। दिव्यांग व्यक्तियों से संबंधित कथित असंवेदनशील टिप्पणी को लेकर शिकायतें दर्ज हुई थीं और इसके बाद समय रैना समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले में दर्ज एफआईआर समाप्त हो गई हैं।
समय रैना के लिए बड़ी कानूनी राहत
सुप्रीम कोर्ट का फैसला समय रैना के लिए अहम राहत माना जा रहा है। हालांकि, अदालत ने SMA से प्रभावित लोगों की सहायता से जुड़े मुद्दे को अलग रखते हुए उस पर सुनवाई जारी रखने का फैसला किया है। यानी मामले का मानवीय और स्वास्थ्य से जुड़ा पहलू अभी अदालत के विचाराधीन रहेगा।