नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति ने आतंकवाद, सिंधु जल संधि, गरीबी उन्मूलन, जनधन योजना, स्वास्थ्य सुविधाओं, विदेश नीति और पर्यावरण समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर देश के सामने अपनी बात रखी।
सिंधु जल संधि निलंबित करना राष्ट्रीय हित में
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में सिंधु जल संधि का उल्लेख करते हुए कहा कि आतंकवाद को पनाह देने वाले देश के साथ इस संधि को निलंबित करना राष्ट्रीय हित में है।उन्होंने इसे विशेष रूप से किसानों के लिए महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम बताया।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत 2047 तक विकसित भारत बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने देशवासियों से राष्ट्र के प्रति सदैव जागरूक रहने और अपने कर्तव्यों का पालन करने की अपील की।उन्होंने कहा कि देश की विकास यात्रा में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है और जनभागीदारी के जरिए ही राष्ट्र को आगे ले जाया जा सकता है।
स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में प्रवेश करेगा देश
राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ ही घंटों बाद देश की स्वतंत्रता के 80वें वर्ष का शुभारंभ होगा। देश-विदेश में रहने वाले भारतीय इस पर्व को उत्साह के साथ मनाते हैं।उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारी स्वतंत्रता का प्रतीक है, जिसे पूरा देश गर्व और सम्मान के साथ फहराता है।
देशवासी राष्ट्र निर्माण के असली भागीदार
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को भारत पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त हुआ और इसके बाद प्रत्येक देशवासी स्वतंत्र भारत की नियति का निर्माता बना।उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, श्रमिकों और किसानों समेत राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले सभी नागरिकों की सराहना की।राष्ट्रपति ने कहा कि संविधान में निहित मूल कर्तव्यों का पालन करने वाला प्रत्येक नागरिक देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भागीदार है।
एक दशक में तेजी से हुआ समावेशी विकास
राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले एक दशक से अधिक समय में भारत ने तेज गति से समावेशी विकास किया है।उन्होंने कहा कि विकास में बाधक दशकों पुराने कई अवरोधों को दूर किया गया है और विरासत तथा विकास के समन्वय को प्राथमिकता दी गई है।
25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर आए
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि देश में 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत लगभग 59 करोड़ खाताधारक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ चुके हैं। इनमें 32 करोड़ से अधिक महिला खाताधारक शामिल हैं।उन्होंने कहा कि करीब 80 करोड़ लोगों के लिए निशुल्क राशन की व्यवस्था की गई है, जबकि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत करीब 60 करोड़ लोगों को हर साल 5 लाख रुपये तक की निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है।
विदेश नीति देशहित पर आधारित
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की विदेश नीति देश के हितों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है। आर्थिक सहयोग बढ़ाने और दूसरे देशों के साथ संबंध मजबूत करने के लिए भारत ने कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं।उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ के देशों में भारत अग्रणी भूमिका निभा रहा है और विश्व पटल पर देश का सम्मान बढ़ा है।
पर्यावरण संरक्षण पर भी दिया जोर
राष्ट्रपति ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे किसी भी कार्य से भविष्य की पीढ़ियों के प्राकृतिक संसाधनों के अधिकार में कमी न आए।उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को अधिक समृद्ध प्राकृतिक संपदा उपलब्ध कराना हमारा प्रयास होना चाहिए।