रायपुर, 15 अगस्त 2026: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से घोषित पुलिस पदक सूची के अनुसार राज्य के 152 अधिकारी और जवानों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा। इनमें 141 को वीरता पदक, 10 को सराहनीय सेवा पदक और एक अधिकारी को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक दिया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 141 वीरता पदकों का आंकड़ा देश में सर्वाधिक है। यह सम्मान विशेष रूप से नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा अभियानों और कठिन परिस्थितियों में पुलिस बल द्वारा निभाई गई भूमिका को राष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी मान्यता के तौर पर देखा जा रहा है।
छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए क्यों खास है यह उपलब्धि?
छत्तीसगढ़ लंबे समय से वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा अभियानों का प्रमुख केंद्र रहा है। इस बार घोषित वीरता पदकों में बड़ी संख्या छत्तीसगढ़ पुलिस के हिस्से में आई है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस सेवा के लिए घोषित 272 वीरता पदकों में 141 छत्तीसगढ़ पुलिस को मिले, जो किसी भी राज्य पुलिस या केंद्रीय सुरक्षा संगठन से अधिक हैं।
DIG एमएल कोटवानी को राष्ट्रपति पदक
छत्तीसगढ़ के DIG मोती लाल (एमएल) कोटवानी को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान पुलिस सेवा में उनके लंबे अनुभव और उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जा रहा है।
इन अधिकारियों को मिलेगा वीरता पदक
वीरता पदक पाने वालों में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न स्तरों पर तैनात पुलिसकर्मी शामिल हैं। सूची में सुंदरराज पी., इंदिरा कल्याण एलेसेला, स्मृतिक राजनाला, संदीप पटेल और रॉबिन्सन गुरिया जैसे अधिकारियों के नाम शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार कुछ जवानों को मरणोपरांत भी वीरता पदक दिया जा रहा है। यह उन अभियानों में पुलिसकर्मियों द्वारा उठाए गए जोखिम और बलिदान को भी रेखांकित करता है।
10 अधिकारियों को सराहनीय सेवा पदक
छत्तीसगढ़ के 10 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सराहनीय सेवा के लिए पदक प्रदान किया जाएगा। इनमें गायत्री सिंह, ओम प्रकाश शर्मा, दीपमाला कश्यप, डॉ. अर्चना झा, रमा पटेल, पिनाकी, सविता सिंह परिहार, ब्रजेश कुमार तिवारी, राकेश कुमार सिंह और नेहरू लाल के नाम शामिल हैं।
नक्सल मोर्चे पर साहस को मिला राष्ट्रीय सम्मान
छत्तीसगढ़ के बस्तर समेत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस और सुरक्षा बलों को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, घने जंगलों, घात लगाकर हमलों और बारूदी सुरंगों जैसे खतरों के बीच अभियान चलाने पड़ते हैं।
ऐसे में 141 वीरता पदकों की घोषणा को राज्य पुलिस के साहसिक अभियानों की बड़ी राष्ट्रीय पहचान के रूप में देखा जा रहा है। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष घोषित 301 वीरता पदकों में 197 वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में अभियानों से जुड़े हैं।
CM विष्णु देव साय ने दी बधाई
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों और अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा और शांति के लिए छत्तीसगढ़ के पुलिस जवानों ने अदम्य साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया है।
सीएम साय ने कहा कि माओवादी हिंसा के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में जवानों के वीरतापूर्ण योगदान को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 141 वीरता पदकों से सम्मानित किया जाना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने इसे उन जवानों के शौर्य, समर्पण और बलिदान को नमन बताया, जिन्होंने राज्य को माओवाद की चुनौती से मुक्त कराने के अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए ऐतिहासिक पल
एक साथ 152 पुलिस अधिकारियों और जवानों का सम्मान और 141 वीरता पदकों का मिलना छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह सम्मान न केवल पुलिस बल के साहस को सामने लाता है, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों से जारी सुरक्षा अभियानों में स्थानीय पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित करता है।