बेंगलुरु/कोलकाता: बेंगलुरु पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना निवासी 25 वर्षीय असाफुल मलिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के कथित तौर पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और एक अफगान नेटवर्क से संपर्क थे। पुलिस का दावा है कि असाफुल बेंगलुरु के बाहरी इलाके में सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम करते हुए कथित तौर पर आतंकी गतिविधियों से जुड़े संपर्क बनाए हुए था। मामले की जांच में उसके मोबाइल फोन से चैट और ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग मिलने की बात सामने आई है।
बोम्मसंद्रा से हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, असाफुल मलिक जिगानी इलाके में रह रहा था और बोम्मसंद्रा औद्योगिक क्षेत्र की एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करता था। गुप्त सूचना के आधार पर हेब्बागौडी थाना पुलिस ने 11 अगस्त को कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया। पुलिस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर सोमशेखर जी ने किया।
फेसबुक के जरिए कथित आतंकी नेटवर्क से संपर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया के जरिए इमरान हैदर नाम के एक अफगान नागरिक के संपर्क में था। पुलिस का दावा है कि इमरान हैदर का संबंध TTP से है। जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से कथित तौर पर चैट, संदेश और ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग बरामद की गई हैं। पुलिस अब इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उसके संपर्कों और संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है।
अफगानिस्तान जाने की तैयारी का भी दावा
बेंगलुरु इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी के डीसीपी एम. नारायण के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर अफगानिस्तान जाने के लिए पासपोर्ट और वीजा की प्रक्रिया शुरू की थी। हालांकि, पुलिस के अनुसार आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण वह अफगानिस्तान नहीं जा सका। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी का कथित नेटवर्क कितना बड़ा था और उसके संपर्क किन-किन लोगों से थे।
BNS की धारा 113(3) के तहत मामला दर्ज
हेब्बागौडी पुलिस ने असाफुल मलिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 113(3) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच बेंगलुरु पुलिस के साथ केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और पश्चिम बंगाल पुलिस के समन्वय से की जा रही है। आरोपी के कथित आतंकी संपर्कों, वित्तीय लेनदेन, डिजिटल गतिविधियों और संभावित सहयोगियों की भी जांच की जा रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपी पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।