हरिद्वार, 15 अगस्त 2026: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर योगगुरु बाबा रामदेव ने देश में चल रही Gen-Z की नाराजगी और आंदोलनों को लेकर बड़ा बयान दिया। हरिद्वार में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी भर्ती प्रक्रिया और युवाओं की समस्याओं पर सवाल उठाए। रामदेव ने कहा कि देश में कई जगह युवा बुनियादी सुविधाओं और रोजगार से जुड़ी समस्याओं को लेकर परेशान हैं। उन्होंने कहा कि अगर व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले समय में और आंदोलन देखने को मिल सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वे आंदोलन के नाम पर अराजकता का समर्थन नहीं करते।
‘देश में चारों तरफ हंगामा है’
बाबा रामदेव ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्रों और युवाओं की समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने स्कूल-कॉलेजों में शिक्षकों, बिजली, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ कुछ संस्थानों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, वहीं दूसरी ओर जहां संसाधन उपलब्ध हैं, वहां भी नकल और पेपर लीक जैसी समस्याएं सामने आती हैं। उनके मुताबिक ऐसी स्थितियां युवाओं में असंतोष पैदा करती हैं।
सरकारी भर्ती प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल
रामदेव ने सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सरकारी नौकरी के इंटरव्यू में बड़े स्तर पर कथित भ्रष्टाचार और पक्षपात होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जाति, वर्ग, समुदाय या विचारधारा के आधार पर लोगों को प्राथमिकता दिए जाने की शिकायतें हैं और इससे योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय होता है। उनके ये आरोप उनके स्वयं के दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
‘इंटरव्यू में 90 से 99 प्रतिशत तक घोटाला’
बाबा रामदेव ने सरकारी नौकरी के इंटरव्यू में 90 से 99 प्रतिशत तक कथित भ्रष्टाचार होने का दावा किया। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लाखों युवा वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में यदि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता होती है तो इसका सीधा असर युवाओं के भविष्य पर पड़ता है।
‘अभी भी समय है, सुधर जाओ’
रामदेव ने व्यवस्था में सुधार की चेतावनी देते हुए कहा कि अभी भी समय है और समस्याओं को दूर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं हुआ तो युवाओं के आंदोलन और तेज हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वे आंदोलन के नाम पर अराजकता का समर्थन या उसे बर्दाश्त नहीं करते। उनका कहना था कि व्यवस्था में मौजूद कथित गड़बड़ियों को दूर करना जरूरी है।
‘सरकारी नौकरियों में करोड़ों का खेल’ का दावा
योगगुरु ने सरकारी भर्तियों में कथित भ्रष्टाचार को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ जगहों पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक लिए जाने का खेल चल रहा है। इन आरोपों को लेकर किसी विशिष्ट भर्ती या मामले का नाम उन्होंने इस बातचीत में नहीं दिया। इसलिए इन दावों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि स्थापित तथ्य के रूप में।
संसद में भी बढ़ते राजनीतिक तनाव पर टिप्पणी
बाबा रामदेव ने देश के राजनीतिक माहौल पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि समाज और राजनीति में नफरत और घृणा का माहौल बढ़ना चिंताजनक है। उन्होंने संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव की तुलना भारत-पाकिस्तान जैसी स्थिति से करते हुए कहा कि लोकतंत्र में संवाद और सकारात्मक वातावरण जरूरी है।
Gen-Z की नाराजगी के बीच रामदेव का बयान
बाबा रामदेव का बयान ऐसे समय आया है जब युवाओं और Gen-Z से जुड़े विरोध प्रदर्शनों को लेकर देश में चर्चा चल रही है। उन्होंने युवाओं की समस्याओं—शिक्षा, रोजगार, परीक्षा प्रणाली और सरकारी भर्ती में पारदर्शिता—को गंभीरता से लेने की जरूरत बताई। उनके बयान का मुख्य संदेश यही रहा कि युवाओं की शिकायतों का समय रहते समाधान किया जाए, ताकि असंतोष बड़े आंदोलनों में तब्दील न हो।