भोपाल, 15 अगस्त 2026: मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर और प्रतिबंधित दुग्ध उत्पादों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है। अब जांच केवल दुकानों और डेयरियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ई-कॉमर्स कंपनियों के वेयरहाउस, गोदाम और डार्क स्टोर में रखे स्टॉक की भी जांच की जाएगी। खास बात यह है कि किसी उत्पाद को ऑनलाइन ऐप पर उपलब्ध नहीं दिखाए जाने के बावजूद उसके गोदाम या डार्क स्टोर में मौजूद स्टॉक की जांच की जाएगी। खाद्य सुरक्षा प्रशासन अब प्रतिबंधित एनालॉग दुग्ध उत्पादों के स्टोरेज से लेकर वितरण और बिक्री तक पूरे सप्लाई नेटवर्क पर नजर रखेगा।
Blinkit, Zepto समेत कई कंपनियों को निर्देश
खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने Blinkit, Zomato, Zepto, OnDoor, Reliance, BigBasket, Flipkart और Amazon समेत संबंधित ई-कॉमर्स कंपनियों के राज्य स्तरीय प्रतिनिधियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कंपनियों से कहा गया है कि प्रतिबंधित उत्पादों का भंडारण, वितरण और विक्रय तत्काल रोका जाए। साथ ही उनके वेयरहाउस और डार्क स्टोर में मौजूद स्टॉक की जांच और निगरानी भी की जाएगी।
ऐप पर प्रोडक्ट नहीं दिखा तो भी होगी स्टॉक की जांच
खाद्य सुरक्षा प्रशासन की कार्रवाई का सबसे अहम पहलू यह है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किसी उत्पाद की लिस्टिंग दिखाई नहीं देने को उसकी बिक्री या स्टॉक न होने का प्रमाण नहीं माना जाएगा। यदि किसी वेयरहाउस, गोदाम या डार्क स्टोर में प्रतिबंधित एनालॉग दुग्ध उत्पाद मौजूद पाया जाता है, तो उसकी जांच की जाएगी। इससे ऑनलाइन बिक्री के पीछे मौजूद पूरे सप्लाई नेटवर्क की निगरानी संभव होगी।
असली पनीर के नाम पर एनालॉग उत्पाद बेचने का आरोप
विभाग के मुताबिक जानकारी सामने आई है कि कुछ जगहों पर लेबलिंग छिपाकर एनालॉग पनीर को असली पनीर के नाम पर बेचने की कोशिश की जा रही है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन का जोर इस बात पर है कि एनालॉग पनीर या किसी अन्य एनालॉग दुग्ध उत्पाद की सही पहचान और स्पष्ट लेबलिंग होनी चाहिए। उपभोक्ताओं को उत्पाद की वास्तविक प्रकृति की जानकारी मिलना जरूरी है।
क्या होता है एनालॉग पनीर?
एनालॉग पनीर ऐसे उत्पादों को कहा जाता है जो पारंपरिक दूध आधारित पनीर के बजाय दूसरे घटकों या वैकल्पिक वसा/प्रोटीन स्रोतों से तैयार किए जाते हैं। ऐसे उत्पादों की सही पहचान और लेबलिंग इसलिए महत्वपूर्ण है ताकि उपभोक्ता यह स्पष्ट रूप से जान सके कि वह वास्तविक डेयरी पनीर खरीद रहा है या कोई एनालॉग उत्पाद।
सप्लाई नेटवर्क पर होगी निगरानी
अब खाद्य सुरक्षा प्रशासन की निगरानी का दायरा केवल अंतिम विक्रेता तक सीमित नहीं रहेगा। निर्माता, सप्लायर, गोदाम, वेयरहाउस, डार्क स्टोर, वितरण चैनल और ऑनलाइन बिक्री से जुड़े नेटवर्क की जांच की जाएगी। इस कार्रवाई का उद्देश्य प्रतिबंधित उत्पादों की सप्लाई चेन को रोकना और उपभोक्ताओं को सही जानकारी के साथ खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराना है।
उपभोक्ताओं के लिए भी अहम है कार्रवाई
ऑनलाइन किराना और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल के बीच खाद्य सुरक्षा प्रशासन की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब उपभोक्ताओं को मिलने वाले उत्पादों की निगरानी केवल दुकान या डेयरी स्तर पर नहीं, बल्कि डिजिटल कॉमर्स के स्टोरेज और वितरण नेटवर्क तक की जाएगी।