कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा ऐलान किया है। ‘कन्या रत्न योजना’ के तहत छात्राओं को मिलने वाली मासिक आर्थिक सहायता को दोगुना कर दिया गया है। पहले इस योजना के तहत 1,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती थी, जिसे अब बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर इस फैसले की घोषणा की। सरकार का कहना है कि इस कदम से छात्राओं को पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक मदद मिलेगी।
पढ़ाई जारी रखने में मिलेगी आर्थिक मदद
सरकार के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है। बढ़ी हुई सहायता राशि का इस्तेमाल छात्राएं अपनी शैक्षणिक जरूरतों, किताबों, आने-जाने और अन्य पढ़ाई से जुड़े खर्चों में कर सकेंगी। खास तौर पर उन परिवारों के लिए यह सहायता महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां आर्थिक परेशानी के कारण बेटियों की पढ़ाई प्रभावित होती है। सरकार को उम्मीद है कि आर्थिक सहयोग बढ़ने से छात्राओं को उच्च शिक्षा हासिल करने में मदद मिलेगी। इससे लड़कियों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिलेगा।
DBT के जरिए बैंक खाते में पहुंचेगी राशि
घोषणा के मुताबिक बढ़ी हुई आर्थिक सहायता राशि लाभार्थी छात्राओं तक डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के माध्यम से पहुंचाई जाएगी। इसका मतलब है कि पात्र छात्राओं के बैंक खातों में सीधे सहायता राशि भेजी जाएगी। इससे योजना की राशि वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी रखने में मदद मिलेगी। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक सहायता का लाभ सीधे छात्राओं तक पहुंचे। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होने और भुगतान प्रक्रिया को आसान बनाने की उम्मीद है। योजना से जुड़ी पात्रता और भुगतान की प्रक्रिया के अनुसार छात्राओं को इसका लाभ दिया जाएगा।
ड्रॉपआउट कम करने पर सरकार का फोकस
कन्या रत्न योजना की राशि बढ़ाने के पीछे बालिका शिक्षा को मजबूत करना भी एक अहम उद्देश्य बताया जा रहा है। आर्थिक कारणों से कई छात्राओं की पढ़ाई बीच में छूट जाती है, खासकर ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में। सरकार को उम्मीद है कि अतिरिक्त आर्थिक सहायता से ऐसी छात्राओं को शिक्षा जारी रखने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही उच्च शिक्षा में लड़कियों के नामांकन को बढ़ाने पर भी जोर रहेगा। शिक्षा के जरिए बेटियों को बेहतर अवसर देने की दिशा में यह फैसला अहम माना जा रहा है।
कन्याश्री के बाद बालिका शिक्षा पर एक और जोर
पश्चिम बंगाल में बालिका शिक्षा को लेकर ‘कन्याश्री’ योजना पहले से ही चर्चा में रही है। अब कन्या रत्न योजना के तहत आर्थिक सहायता बढ़ाए जाने से सरकार ने छात्राओं को अतिरिक्त वित्तीय सहयोग देने पर जोर दिया है। नए फैसले के बाद छात्राओं को हर महीने मिलने वाली राशि पहले की तुलना में दोगुनी हो जाएगी। सरकार का दावा है कि इससे बेटियों की शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। खासकर उच्च शिक्षा हासिल करने की इच्छुक छात्राओं के लिए यह सहायता उपयोगी साबित हो सकती है।
कब से लागू होगा नया फैसला?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बढ़ी हुई राशि का लाभ अगले शैक्षणिक सत्र से लागू किया जाएगा। यानी योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि अब 1,000 रुपये के बजाय 2,000 रुपये होगी। हालांकि, लाभ पाने वाली छात्राओं के लिए पात्रता, आवेदन और भुगतान से जुड़े आधिकारिक नियमों को ध्यान में रखना होगा। सरकार की ओर से इस संबंध में आगे विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। छात्राओं और अभिभावकों के लिए जरूरी होगा कि वे आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही योजना से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करें।