मध्यप्रदेश के किसानों के लिए राहत की खबर है। 17 अगस्त से प्रदेश में खाद की बिक्री और वितरण दोबारा शुरू हो जाएगा। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने 14 अगस्त को खाद बिक्री पर रोक लगाने के अपने आदेश को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है।विभाग ने साफ किया है कि प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और किसानों को खाद को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। स्टॉक का मिलान पूरा करने के लिए बिक्री केवल दो दिनों के लिए रोकी गई थी।
14 अगस्त शाम से बंद थी बिक्री
सरकार के मुताबिक भारत सरकार के IFMS पोर्टल पर दर्ज स्टॉक और प्रदेश के उर्वरक विक्रेताओं के पास मौजूद वास्तविक स्टॉक का मिलान किया जा रहा है।इसी प्रक्रिया के तहत 14 अगस्त की शाम 7 बजे से 16 अगस्त तक खाद की बिक्री रोकी गई है। विभाग के अनुसार स्टॉक मिलान का काम 16 अगस्त की शाम तक पूरा हो जाएगा और सोमवार 17 अगस्त से खाद का वितरण पहले की तरह शुरू कर दिया जाएगा।
किसानों को जरूरत के मुताबिक मिलेगी खाद
कृषि विभाग ने कहा है कि 17 अगस्त से खाद की उपलब्धता सामान्य हो जाएगी। किसानों को उनकी जरूरत के मुताबिक खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।सरकार ने किसानों से अपील की है कि बिक्री दो दिन बंद रहने को लेकर किसी तरह की घबराहट न करें।
प्रदेश में यूरिया का पर्याप्त स्टॉक
कृषि विभाग के सचिव ने बताया कि प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण है।उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल से अब तक प्रदेश में यूरिया की कुल उपलब्धता 17.04 लाख मीट्रिक टन रही। इसमें से 12.83 लाख मीट्रिक टन यूरिया किसानों द्वारा खरीदा जा चुका है, जबकि 4.21 लाख मीट्रिक टन यूरिया अभी उपलब्ध है।
DAP और NPK की भी पर्याप्त उपलब्धता
विभाग के मुताबिक 1 अप्रैल से अब तक प्रदेश में DAP और NPK की कुल उपलब्धता 11.20 लाख मीट्रिक टन रही है। इसमें से 7.09 लाख मीट्रिक टन खाद किसानों द्वारा उठाई जा चुकी है।वर्तमान में प्रदेश में 4.10 लाख मीट्रिक टन DAP और NPK उपलब्ध है।
SSP का भी 3.17 लाख मीट्रिक टन स्टॉक
इसी तरह SSP की कुल उपलब्धता 6.78 लाख मीट्रिक टन रही, जिसमें से 3.61 लाख मीट्रिक टन का उठाव किसानों द्वारा किया गया है।फिलहाल प्रदेश में 3.17 लाख मीट्रिक टन SSP उपलब्ध होने की जानकारी कृषि विभाग ने दी है।
हर किसान, हर घर, हर खेत खाद अभियान की तैयारी
कृषि सचिव ने बताया कि सरकार उर्वरक वितरण को और बेहतर बनाने के लिए इसे अभियान के रूप में आगे बढ़ाने की योजना बना रही है।इसके तहत 'हर किसान, हर घर, हर खेत खाद' अभियान के जरिए किसानों को जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध कराने और अग्रिम व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
स्टॉक मिलान के बाद व्यवस्था होगी सामान्य
सरकार का कहना है कि खाद बिक्री रोकने का उद्देश्य स्टॉक की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना है। IFMS पोर्टल और खुदरा विक्रेताओं के भौतिक स्टॉक का मिलान पूरा होने के बाद खाद वितरण सामान्य रूप से शुरू कर दिया जाएगा।इस फैसले से उन किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो खरीफ फसलों के लिए यूरिया, DAP, NPK और SSP की जरूरत पूरी करने के लिए खाद केंद्रों पर निर्भर हैं।