यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध अब पहले से ज्यादा दूर तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। यूक्रेन ने रूस की सीमा से काफी अंदर स्थित सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर लंबी दूरी के हथियारों से हमला करने का दावा किया है। शनिवार को यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने बताया कि समारा क्षेत्र के प्रोग्रेस रॉकेट सेंटर और निजनी नोवगोरोड के एक सैन्य एयरफील्ड को निशाना बनाया गया। समारा का यह इलाका यूक्रेन की सीमा से काफी दूर और मॉस्को से करीब 900 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यूक्रेन के मुताबिक, जिस रॉकेट सेंटर पर हमला किया गया, वहां रूस के सैटेलाइट कम्युनिकेशन नेटवर्क के लिए इस्तेमाल होने वाले रॉकेट तैयार किए जाते हैं।
रूस के सैटेलाइट नेटवर्क को झटका देने का दावा
यूक्रेनी जनरल स्टाफ के अनुसार, समारा स्थित प्रोग्रेस रॉकेट सेंटर रूस के रासवेट ब्रॉडबैंड सैटेलाइट नेटवर्क से जुड़े लॉन्च सिस्टम के लिए रॉकेट तैयार करता है। रूस इस नेटवर्क को स्पेसएक्स के स्टारलिंक जैसी सैटेलाइट इंटरनेट व्यवस्था के विकल्प के तौर पर विकसित कर रहा है। यूक्रेन में स्टारलिंक का इस्तेमाल सैन्य संचार और ड्रोन ऑपरेशन में भी किया जाता है, जबकि रूस में इसकी सेवा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यूक्रेन की ओर से इस सेंटर को निशाना बनाए जाने का दावा रणनीतिक तौर पर काफी अहम माना जा रहा है।
जेलेंस्की ने फ्लेमिंगो मिसाइलों से हमले की बात कही
यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने दावा किया कि रॉकेट सेंटर पर हमला फ्लेमिंगो क्रूज मिसाइलों से किया गया। जेलेंस्की ने कहा कि रूस की सैन्य क्षमता को कमजोर करना जरूरी है और युद्ध खत्म करने के लिए रूस को उसके महत्वपूर्ण ठिकानों पर नुकसान का एहसास होना चाहिए। हालांकि, हमले में हुए वास्तविक नुकसान और इस्तेमाल किए गए हथियारों को लेकर रूस की ओर से यूक्रेनी दावों की पूरी पुष्टि नहीं हुई है।
निजनी नोवगोरोड के एयरफील्ड पर भी हमले का दावा
यूक्रेन ने समारा के अलावा निजनी नोवगोरोड क्षेत्र में स्थित एक सैन्य एयरफील्ड को भी निशाना बनाने की बात कही है। यूक्रेनी सेना के मुताबिक, यह एयरफील्ड उन विमानों से जुड़ा है जिनका इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ रूसी सैन्य अभियानों में किया जाता है। यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने दावा किया कि एयरफील्ड पर हमले के बाद आग लग गई। हालांकि स्थानीय रूसी अधिकारियों ने इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।
रूस ने बड़े मिसाइल हमले को रोकने की बात कही
समारा के स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि रूसी एयर डिफेंस ने बड़े मिसाइल हमले को नाकाम करने की कोशिश की। समारा के मेयर इवान नोस्कोव के मुताबिक, एक औद्योगिक क्षेत्र में नुकसान हुआ और आपातकालीन टीमें मौके पर काम कर रही थीं। क्षेत्रीय अधिकारियों ने भी औद्योगिक इलाके में मिसाइल गिरने की जानकारी दी। हालांकि, घटना के बाद हुए नुकसान की पूरी तस्वीर सामने आने में समय लगा।
युद्ध में बढ़ रहा है लंबी दूरी के हमलों का दायरा
रूस-यूक्रेन युद्ध में अब दोनों पक्ष एक-दूसरे के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को दूर से निशाना बनाने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। फरवरी 2022 में रूस के बड़े पैमाने पर यूक्रेन पर हमला शुरू करने के बाद से संघर्ष लगातार जारी है। हाल के समय में मोर्चे पर लड़ाई के साथ-साथ ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलों के जरिए ऐसे ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है, जो युद्ध की सप्लाई, संचार और सैन्य क्षमता से जुड़े हैं।
रूस ने भी यूक्रेन के कई ठिकानों पर हमले का दावा किया
रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान रूसी सेना ने यूक्रेन के लॉजिस्टिक्स, ईंधन, ऊर्जा और परिवहन से जुड़े ठिकानों पर ड्रोन, मिसाइल और तोपखाने से हमले किए। इस तरह दोनों देशों के बीच संघर्ष केवल अग्रिम मोर्चे तक सीमित नहीं रह गया है। अब हजारों किलोमीटर दूर स्थित सैन्य, औद्योगिक और रणनीतिक बुनियादी ढांचे भी हमलों के निशाने पर आ रहे हैं।