MP Sports News: मध्यप्रदेश में खेल सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्टेडियम बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में खेलों की सभी विधाओं को आगे बढ़ाने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लगातार काम करेगी। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा 16 अगस्त को भोपाल के बोट क्लब पर आयोजित राजा भोज मल्टी क्लास सेलिंग चैम्पियनशिप-2026 के पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह के दौरान की। इस मौके पर उन्होंने प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में खेल मंत्री विश्वास सारंग ने भी खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
230 विधानसभा क्षेत्रों में स्टेडियम बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्टेडियम विकसित करने की योजना है। सरकार का उद्देश्य खेलों को केवल कुछ बड़े शहरों तक सीमित रखने के बजाय प्रदेश के हर क्षेत्र में खेल सुविधाओं का विस्तार करना है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने खेल की विभिन्न विधाओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है और सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने में कोई कमी नहीं छोड़ेगी। उनके मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अंतरराष्ट्रीय खेलों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है और मध्यप्रदेश भी इस दिशा में अपनी भूमिका निभा रहा है।
18 खेलों में से 11 की अकादमियां MP में संचालित
सीएम यादव ने बताया कि प्रदेश में 18 खेलों से जुड़ी अकादमियों में से 11 खेल अकादमियां संचालित की जा रही हैं। इन अकादमियों के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और खेल से जुड़ी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आने वाले समय में भी खेलों को लगातार प्रोत्साहित करेगी और खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
ओलंपिक, एशियाड और कॉमनवेल्थ में MP का योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ वर्ष पहले तक खेलों में प्रदेश की स्थिति 14वें-15वें स्थान के आसपास रहती थी, लेकिन अब मध्यप्रदेश तीसरे स्थान तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि ओलंपिक, एशियाई खेलों और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भी मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों का योगदान लगातार बढ़ रहा है।
खेलों को पढ़ाई का हिस्सा बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब खेलों को सिर्फ खिलाड़ियों तक सीमित रखने के बजाय शिक्षा व्यवस्था का भी हिस्सा बनाया जा रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का जिक्र करते हुए कहा कि खेलों को विद्यार्थियों की शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों के साथ उनके प्रशिक्षकों और कोच के भविष्य पर भी ध्यान देना जरूरी है। सरकार की ओर से कोच के लिए भी बेहतर करियर और पदोन्नति के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। सीएम ने कहा कि राज्य में नई शिक्षा नीति को सबसे पहले लागू करने की दिशा में कदम उठाया गया और अब खेल प्रशिक्षकों के लिए भी आगे बढ़ने के अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
खेल बजट लगातार बढ़ाने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों के लिए बजट में लगातार बढ़ोतरी कर रही है। उनका कहना था कि बेहतर स्टेडियम, प्रशिक्षण सुविधाएं, खेल अकादमियां और प्रशिक्षकों की उपलब्धता से प्रदेश के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने में मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य खेलों को प्रदेश के हर हिस्से तक पहुंचाना और ग्रामीण तथा छोटे शहरों से निकलने वाली प्रतिभाओं को भी आगे आने का अवसर देना है।
खिलाड़ियों को संघर्ष से आगे बढ़ने की सीख
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं और जीत-हार से ऊपर उठकर निरंतर संघर्ष करने की प्रेरणा दी। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि का उल्लेख करते हुए उनके जीवन और संघर्ष को याद किया। साथ ही रानी अवंतीबाई लोधी के योगदान का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि सफलता के लिए संघर्ष के रास्ते पर लगातार आगे बढ़ते रहना जरूरी है। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी प्रतिभागियों को भी बधाई दी।
भोपाल की झील में दिखा सेलिंग का रोमांच
राजा भोज मल्टी क्लास सेलिंग चैम्पियनशिप-2026 का आयोजन भोपाल के बोट क्लब में किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भोपाल की खूबसूरत झील और वहां आयोजित सेलिंग प्रतियोगिता का जिक्र करते हुए खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि भोपाल का वातावरण और राजा भोज तालाब का प्राकृतिक सौंदर्य इस तरह की खेल प्रतियोगिताओं के लिए विशेष माहौल तैयार करता है।
हजारों साल पुराना है भारत में खेलों का इतिहास
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भारत की प्राचीन खेल परंपरा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में खेलों का इतिहास हजारों साल पुराना है और प्राचीन समय से ही शारीरिक क्षमता तथा कौशल को महत्व दिया जाता रहा है। उन्होंने रामायण और भगवान कृष्ण से जुड़े प्रसंगों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में शारीरिक सामर्थ्य, प्रतिस्पर्धा और कौशल की अपनी विशेष भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जरूरत है कि इसी परंपरा को आधुनिक खेल सुविधाओं, बेहतर प्रशिक्षण और नई तकनीक के साथ आगे बढ़ाया जाए।