उत्तराखंड में मानसून के तेवर एक बार फिर तल्ख नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 5 जिलों में ऑरेंज और 8 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश के बीच पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें बंद होने की समस्या भी बनी हुई है। बागेश्वर के सामा में पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा 132 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने देहरादून, चंपावत, बागेश्वर, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।बारिश के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति भी बन सकती है। लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
8 जिलों में यलो अलर्ट
इसके अलावा उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में यलो अलर्ट जारी किया गया है।इन जिलों में भी तेज बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर बारिश के दौर तेज से अति तीव्र हो सकते हैं।
पहाड़ों में भूस्खलन का खतरा
मौसम विभाग ने संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़कों पर मलबा आने की आशंका जताई है।बारिश के कारण नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। वहीं निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की संभावना को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।
बागेश्वर के सामा में 132 मिमी बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान उत्तराखंड के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। बागेश्वर के सामा में सबसे ज्यादा 132 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।इसके अलावा पोकहरी में 114 मिमी और लोहाघाट में 111 मिमी बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण कई पर्वतीय इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।
92 से ज्यादा सड़कें अभी भी बंद
बारिश और लैंडस्लाइड के चलते उत्तराखंड में सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। प्रदेश में अभी 92 से अधिक सड़कें बंद बताई जा रही हैं।रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर समेत कई पर्वतीय जिलों में सड़क मार्ग मलबा आने और भूस्खलन के कारण प्रभावित हैं। इससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यात्रियों और स्थानीय लोगों को सावधानी की सलाह
भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी गई है।नदी-नालों के किनारे जाने और जलभराव वाले क्षेत्रों में प्रवेश करने से भी बचना जरूरी है। बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।