लखनऊ। उत्तरप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। रविवार सुबह से राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई शहरों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। लखनऊ में करीब 5 घंटे की तेज बारिश के बाद कई इलाकों में 3 से 4 फीट तक पानी भर गया, जिससे सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और कई घरों-दुकानों में पानी घुस गया।प्रदेश में गंगा, यमुना समेत 11 नदियां उफान पर हैं। वहीं चित्रकूट, उन्नाव और वाराणसी में भी बाढ़ और जलभराव के हालात बने हुए हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
लखनऊ में 3 से 4 फीट तक जलभराव
राजधानी लखनऊ में रविवार तड़के करीब 3 बजे तेज बारिश शुरू हुई। करीब 5 घंटे तक हुई लगातार बारिश से शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई।कई सड़कों पर 3 से 4 फीट तक पानी भर गया, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव में कई बाइकें बंद हो गईं, जबकि कुछ जगहों पर कारें भी पानी में आधी डूबी नजर आईं।निचले इलाकों की गलियों में पानी भरने के साथ कई घरों और दुकानों में भी बारिश का पानी घुस गया। लोगों को जलभराव के बीच आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
35 जिलों में बारिश, 46 शहरों में भारी बारिश की चेतावनी
रविवार को लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, बरेली समेत करीब 25 शहरों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। वहीं गोरखपुर समेत 20 से अधिक शहरों में आसमान में बादल छाए हुए हैं।मौसम विभाग ने आज प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं 46 शहरों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
जालौन में घुटनों तक पानी में हुई महादेव की आरती
जालौन में भारी बारिश और जलभराव का असर धार्मिक स्थलों पर भी देखने को मिला। यहां मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में घुटनों तक पानी भर गया। इसके बावजूद श्रद्धालुओं ने पानी के बीच महादेव की आरती की।
11 नदियां उफान पर
लगातार बारिश के कारण प्रदेश की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। गंगा और यमुना समेत 11 नदियां उफान पर हैं।चित्रकूट में मंदाकिनी और बरदहा नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। रामघाट की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के इलाकों में भी चिंता बढ़ गई है।
यूपी-MP को जोड़ने वाला पुल 36 घंटे से डूबा
चित्रकूट के मानिकपुर में यूपी और मध्यप्रदेश को जोड़ने वाला छोटा पुल यानी रपटा पिछले 36 घंटे से जलमग्न है। पुल पर पानी भरने के कारण आवागमन प्रभावित हुआ है।पानी का स्तर बढ़ने से आसपास के लोगों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से हालात पर नजर रखी जा रही है।
उन्नाव में घरों में घुसा गंगा का पानी
उन्नाव में गंगा नदी का पानी बाढ़ प्रभावित इलाकों में घरों तक पहुंच गया है। कई परिवारों को घर छोड़कर छतों पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है।कुछ इलाकों में गलियों में पानी इतना बढ़ गया है कि लोगों के आवागमन के लिए नावों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
वाराणसी में 100 से ज्यादा मंदिर डूबे
वाराणसी में भी गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों के आसपास बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। घाट किनारे बने 100 से अधिक छोटे मंदिर पानी में डूब गए हैं।
सीएम योगी ने अफसरों को फील्ड में उतरने के निर्देश दिए
बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को फील्ड में उतरकर हालात का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं।प्रशासन को जलभराव वाले इलाकों में राहत एवं बचाव व्यवस्था पर नजर रखने, नदियों के बढ़ते जलस्तर की निगरानी करने और लोगों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
आगे भी बारिश का दौर जारी रहने के आसार
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून की गतिविधियां बनी हुई हैं। कई जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। नदियों के बढ़ते जलस्तर और निचले इलाकों में जलभराव को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।प्रशासन ने लोगों से नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।