अनूपपुर। मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। शहडोल-अमरकंटक मुख्य मार्ग पर राजेंद्रग्राम के पास स्थित गिजरी नाले में बाढ़ आने से सड़क पर आवाजाही रोक दी गई है। पानी का तेज बहाव होने के कारण मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई है और सैकड़ों यात्री घंटों से फंसे हुए हैं। बताया गया कि शनिवार रात करीब 12 बजे नाले में पानी तेजी से बढ़ने लगा। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए दोनों तरफ बैरिकेड लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी। रविवार दोपहर तक नाले में पानी का बहाव कम नहीं हुआ था, जिसके कारण यातायात बहाल नहीं किया जा सका।
14 घंटे से बंद है रास्ता, दोनों तरफ वाहनों की कतार
गिजरी नाले में पानी बढ़ने के बाद शहडोल से अमरकंटक और अमरकंटक से शहडोल जाने वाले वाहनों को रोक दिया गया। मार्ग बंद होने से यात्रियों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुलिसकर्मियों को दोनों छोर पर तैनात किया गया है, ताकि कोई भी वाहन चालक तेज बहाव के बीच पुल पार करने की कोशिश न करे। प्रशासन की ओर से फिलहाल पानी कम होने का इंतजार किया जा रहा है।
सावन में अमरकंटक जाने वाले श्रद्धालु भी परेशान
सावन का महीना होने के कारण अमरकंटक में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले लोगों के लिए यह मार्ग प्रमुख रास्तों में से एक है। ऐसे में गिजरी नाले में बाढ़ आने से धार्मिक यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। शहडोल, राजेंद्रग्राम और अमरकंटक के बीच रोजाना सफर करने वाले लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।
सुरक्षा के लिए दोनों तरफ बैरिकेडिंग
राजेंद्रग्राम थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह बरकड़े के मुताबिक, नाले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए दोनों ओर बैरिकेड लगाए गए हैं। पुलिस की टीम मौके पर तैनात है और पानी का बहाव सामान्य होने तक वाहनों को पुल से गुजरने की अनुमति नहीं दी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फिलहाल मार्ग को बंद रखा गया है।
पुराने पुल को लेकर विधायक ने उठाए सवाल
गिजरी नाले पर बने मौजूदा पुल को लेकर पुष्पराजगढ़ विधायक फुदेलाल सिंह ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि पुल काफी नीचा है और तेज बारिश के दौरान नाले का पानी पुल के ऊपर से बहने लगता है। इसके कारण बार-बार आवागमन रोकना पड़ता है। विधायक के अनुसार, अमरकंटक एक महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन स्थल है, इसलिए यहां आने-जाने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए ऊंचे और नए पुल का निर्माण जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि नए पुल के निर्माण को लेकर वे लंबे समय से एमपीआरडीसी के अधिकारियों से पत्राचार कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि समय रहते पुल की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में गंभीर हादसे का खतरा बना रह सकता है।
बारिश के मौसम में बढ़ जाता है खतरा
गिजरी नाले पर पानी आने के कारण हर साल बारिश के दौरान शहडोल-अमरकंटक मार्ग प्रभावित होने की स्थिति बनती है। मौजूदा घटना ने एक बार फिर पुल की ऊंचाई और सड़क सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन की नजर नाले के जलस्तर और बारिश की स्थिति पर बनी हुई है।