मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी से बना मजबूत मौसम सिस्टम प्रदेश में अगले कई दिनों तक बारिश का दौर बढ़ा सकता है। सोमवार को इसका सबसे ज्यादा असर पूर्वी मध्यप्रदेश में दिखाई देने की संभावना है। मौसम विभाग ने सीधी, मऊगंज और डिंडौरी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 10 अन्य जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है। वहीं प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम सिस्टम धीरे-धीरे प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों की ओर बढ़ेगा, जिससे भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में भी बारिश का असर देखने को मिलेगा।
सीधी, मऊगंज और डिंडौरी में ऑरेंज अलर्ट
सोमवार को सीधी, मऊगंज और डिंडौरी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक पानी गिर सकता है।लगातार और अत्यधिक बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और आवागमन प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत होगी।
इन 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
अति भारी बारिश वाले तीन जिलों के अलावा प्रदेश के 10 अन्य जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इनमें सतना, पन्ना, दमोह, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं।पूर्वी मध्य प्रदेश के इन इलाकों में सक्रिय मौसम सिस्टम का प्रभाव अधिक रहने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ लंबे समय तक बारिश का दौर भी देखने को मिल सकता है।
कई जिलों में तेज तो कहीं हल्की बारिश
मध्यप्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना नहीं है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास और रतलाम में बारिश हो सकती है।इसके अलावा नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रीवा, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।
पूर्वी MP में पहले ज्यादा असर, फिर पश्चिमी हिस्सों में पहुंचेगा सिस्टम
बंगाल की खाड़ी से सक्रिय हुए स्ट्रॉन्ग सिस्टम का शुरुआती असर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों के दौरान जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में बारिश की गतिविधियां ज्यादा रहने की संभावना है।इसके बाद सिस्टम का प्रभाव धीरे-धीरे पश्चिमी मध्यप्रदेश की ओर बढ़ेगा। इससे भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम के साथ ग्वालियर-चंबल संभाग के कई हिस्सों में भी बारिश का दौर तेज हो सकता है।
भोपाल और ग्वालियर-चंबल में 17 से 19 अगस्त तक असर
मौजूदा मौसम सिस्टम का प्रभाव राजधानी भोपाल के साथ ग्वालियर और चंबल संभाग में भी दिखाई देगा। मौसम विभाग के मुताबिक 17, 18 और 19 अगस्त को इन क्षेत्रों के कुछ जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है।इस दौरान स्थानीय स्तर पर गरज-चमक और तेज बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
21 अगस्त तक प्रदेश में बारिश का दौर
मध्यप्रदेश में 15 से 21 अगस्त के बीच पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है।उन्होंने बताया कि 15 से 19 अगस्त तक पूर्वी मध्यप्रदेश में तेज बारिश का दौर रहने की संभावना है। इसके बाद मौसम सिस्टम का असर पश्चिमी हिस्सों में बढ़ेगा और वहां भी बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
किसानों और नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की जरूरत
अति भारी बारिश की चेतावनी वाले जिलों में अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण हैं। 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना को देखते हुए नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। भारी बारिश से खेतों में पानी भरने और स्थानीय जलस्रोतों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की स्थिति भी बन सकती है।कुल मिलाकर मध्यप्रदेश में मानसून का नया सिस्टम अगले कई दिनों तक बारिश का असर बनाए रखेगा। फिलहाल सबसे ज्यादा नजर सीधी, मऊगंज और डिंडौरी समेत पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों पर है, जहां अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मध्यप्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। सोमवार को सीधी, मऊगंज और डिंडौरी में 4 से 8 इंच तक अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, जबकि 10 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।मौसम सिस्टम का असर अगले चरण में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल तक पहुंचेगा। प्रदेश में 21 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।