उज्जैन: सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के मौके पर उज्जैन के महाकाल मंदिर में भारी भीड़ के बीच सोमवार को नागचंद्रेश्वर मंदिर के पास अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। धक्का-मुक्की और दबने की वजह से कई लोगों के घायल होने की सूचना है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक तीन श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिनका इलाज कराया जा रहा है।
हरसिद्धि चौराहे पर अचानक मची अफरा-तफरी
श्रद्धालुओं के मुताबिक नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतार लगी थी। हरसिद्धि चौराहे के पास बड़ी संख्या में लोग कई घंटों से लाइन में खड़े थे। इसी दौरान करंट फैलने की अफवाह के बाद अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बैरिकेडिंग के पास अफरा-तफरी मची और कुछ बैरिकेड्स गिर गए। एक टेंट भी गिरने की बात सामने आई है। घटना के बाद घायल श्रद्धालुओं को इलाज के लिए अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
7-8 घंटे लाइन में खड़े रहे श्रद्धालु
हादसे में घायल श्रद्धालु सागर ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि वह करीब 7-8 घंटे से दर्शन के लिए लाइन में खड़े थे। हरसिद्धि चौराहे पर पहुंचने के बाद आरती के समय के चलते श्रद्धालुओं को करीब दो घंटे तक वहीं रोका गया। उनके मुताबिक अचानक बैरिकेड्स खोल दिए गए, जिसके बाद भीड़ में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी दौरान टेंट और बैरिकेड्स गिर गए और उनके दोनों पैर बैरिकेड के नीचे दब गए। उन्होंने बताया कि एक पैर में फ्रैक्चर हुआ है। सागर ने मंदिर परिसर में व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि घटना के बाद एक व्यक्ति ने उनकी मदद की और उन्हें हेल्थ कैंप तक पहुंचाया, जहां से एंबुलेंस के जरिए इलाज के लिए ले जाया गया।
बैरिकेड के नीचे दब गया श्रद्धालु
घायल श्रद्धालु की मां मीनू ने बताया कि घटना हरसिद्धि चौराहे के पास हुई। उनका बेटा नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए जा रहा था, तभी भगदड़ के दौरान वह बैरिकेड के नीचे दब गया। उन्होंने बताया कि मौके पर काफी अफरा-तफरी थी और तत्काल मदद नहीं मिल पाई। बाद में एक व्यक्ति ने घायल को वहां से निकालकर मदद पहुंचाई।
नागपंचमी और सावन सोमवार पर उमड़ी भारी भीड़
सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के संयोग के चलते महाकाल मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए भी भारी भीड़ जुटी थी। करंट की अफवाह फैलने के बाद भीड़ में अचानक हलचल बढ़ी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से स्थिति को नियंत्रित किया गया। घटना के बाद घायल श्रद्धालुओं को उपचार के लिए भेजा गया।
नोट: करंट की घटना की पुष्टि और हादसे की विस्तृत वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल सामने आई जानकारी के आधार पर इसे अफवाह के बाद बनी भगदड़ जैसी स्थिति बताया जा रहा है।